सावधान ! गणेश चतुर्थी पर भूलकर भी न देखें चांद वरना....

सावधान ! गणेश चतुर्थी पर भूलकर भी न देखें चांद वरना....

deepak deewan | Publish: Sep, 09 2018 01:59:32 PM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन का बड़ा दोष, भूलकर भी न देखें चांद

जबलपुर। भादों मास की अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष शुरु होगा। इसी के साथ त्योहारों का क्रम भी शुरु हो जाएगा। भाद्रपद शुक्ल पक्ष में व्रत एवं त्योंहारों की तिथियां लगातार हैं। हरतालिका तीज से उपासना शुरू होगी। किसी दिन अखंड सौभाग्य एवं मनोकामना पूर्ति की पूजा होगी तो कठिन तप संतान के सौभाग्य की कामना की जाएगी। 12 सितम्बर हरतालिका तीज से चौदह दिन में 11 दिन व्रत, त्योंहार हैं।


हरतालिका तीज से शुरू होगी त्योहारों की शृंखला
ज्योतिर्विद जनार्दन शुक्ला के अनुसार सावन, कार्तिक की तरह भादप्रद माह उपासना के लिए श्रेष्ठ है। व्रतों की श्रृंखला में ऐसी तिथियां हैं, जो वर्ष में एक बार आती है। व्रत रखने वाले लोगों की इन तिथियों की प्रतीक्षा रहती है। ऋषि पंचमी में वर्ष के दोष शुद्धि के लिए महिलाएं पूजा करती हैं। वहीं मोरयायी छठ के दिन विधि पूर्वक विवाह के मौर का विसर्जन किया जाता है। 25 सितम्बर को स्नान दान पूर्णिमा के बाद पितृपक्ष शुरु होगा। उसके बाद शारदेय नवरात्र की उपासना शुरू होगी। इस बार नौ दिन की नवरात्र है। 19 अक्टूबर को दशहरा पर्व है।


चौदह दिन में 11 दिन होंगे व्रत व उपासना
सितम्बर में कई महत्वपूर्ण तिथियां और त्यौहार हैं। भाद्रपद शुक्ल पक्ष में व्रत एवं त्योंहारों की तिथियां लगातार हैं। हरतालिका तीज से उपासना शुरू होगी। सितंबर माह की 12 तारीख को हरतालिका तीज, 13 को गणेश चतुर्दशी, 14 ऋषि पंचमी, 15 मोरयायी छठ, 16 को संतान सप्तमी, 17 राधा अष्टमी, 20 डोल ग्यारस, 22 को प्रदोष व्रत, 23 को अनंत चतुर्दशी, 24 को व्रत पूर्णिमा और 25 को स्नान दान पूर्णिमा रहेगी।


गणेश चर्तुथी को चंद्र दर्शन निषेध
भाद्रपद माह की गणेश चर्तुथी को चंद्र दर्शन निषेध है। जबकि, अन्य चर्तुथी में चंद्रमा के दर्शन-पूजन से उपासना पूर्ण होती है। इस माह की चतुर्थी को प्रयास करना चाहिए कि चंद्रमा न दिखें। ज्योतिर्विद जनार्दन शुक्ला के अनुसार ऐसी मान्यता है कि चंद्रमा का दर्शन करने वाले लोगों को कलंकित होना पड़ता है।

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