bank chori-गिरोह के गुर्गों ने खरीदी जमीन, सरगना बनवा रहा है 15 हजार वर्गफीट में मकान

शहपुरा बैंक से 80 लाख रुपए उड़ाने का मामला, रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ में खुलासा

By: santosh singh

Published: 07 Jul 2019, 11:44 AM IST

जबलपुर . शहपुरा स्थित सहकारी बैंक में 19 फरवरी को हुई 80 लाख रुपए की चोरी के प्रकरण में गिरफ्तार अंतरराज्यीय गिरोह के पांचों गुर्गों को रिमांड पर लेकर की जा रही पूछताछ में नई जानकारी सामने आई है। गिरोह के गुर्गों ने चोरी की रकम से जहां बदायूं के ककराला में कृषि जमीन खरीदी, वहीं सरगना 15 हजार वर्गफीट में ऑलीशान मकान का निर्माण करा रहा है। उसने चोरी की रकम से मिनी ट्रक खरीदा है। इसी मिनी ट्रक का प्रयोग वे चोरी की वारदातों में करते थे।
गैंग के गूर्गों की प्रॉपर्टी की सूची बना रही पुलिस
पुलिस के अनुसार रिमांड पर लिए गए पांचों आरोपी यूसुफ अली, हसरत अली, अफगन अली, इवरान अली और इसरत अली ने पूछताछ में सभी 11 लोगों की सिलसिलेवार चोरी की रकम से खरीदी गई प्रॉपर्टी की जानकारी दी है। पांचों ने अलग-अलग तहसीलों में खरीदी गई प्रॉपर्टी की पूरी सूची बतायी है। सरगना टिन्ना और नबाबुल ने शहपुरा बैंक चोरी की रकम से जमीन की रजिस्ट्री करायी है। टिन्ना ही 15 हजार वर्गफीट में मकान का निर्माण करा रहा है।
गन्ने की फसल के साथ शुरू हो जाता है गैंग का काम
बदायूं का ककराला गांव के आसपास की जमीन काफी उपजाऊ मानी जाती है। गिरोह के लोग गन्ने की फसल तैयार होने के साथ ही अलग-अलग स्थानों पर गुड़ बनाने वाले मजदूर बनकर काम करने पहुंच जाते हैं। जहां रहते हैं, वहां के आसपास के 100 किमी के दायरे में पडऩे वाले बैंक, एटीएम आदि को अपना टार्गेट बनाते हैं। हाथ मारने के बाद वहां से निकल जाते हैं।
मोबाइल का नहीं करते प्रयोग
ये गिरोह इतना शातिर है कि मोबाइल का प्रयोग किसी वारदात के 15 दिन पहले से बंद कर देते हैं। वारदात के समय भी ये अपने वाहन 500 मीटर दूर खड़ा कर देते हैं। इसके बाद पैदल वे टार्गेट वाले स्थान पर पहुंचते हैं। एएसपी ग्रामीण रायसिंह नरवरिया ने बताया कि गिरोह के बारे में हर छोटी-बड़ी सूचना तैयार कर उनका क्रिमनल डेटा तैयार करेंगे।

 

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