Employee elections में कूदा गायत्री परिवार, जानिए क्या है माजरा

संयुक्त मोर्चे के निशान पर संस्था ने जताई आपत्ति, गायत्री परिवार कहा, उनका सिम्बल हमारे जैसा

By: deepak deewan

Published: 10 Nov 2017, 02:19 PM IST

जबलपुर। आध्यात्मिक, सामाजिक और धार्मिक पुनर्जागरण में जुटी गायत्री परिवार संस्था का किसी भी चुनावों में दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है पर उनका सिंबल कर्मचारी चुनावों में खूब दिख रहा है। आयुधिनर्माणी खमरिया के वक्र्स कमेटी चुनाव में गायत्री परिवार के इस सिंबल पर विवाद भी खड़ा हो गया है। दरअसल वक्र्स कमेटी चुनाव में उतरे संयुक्त मोर्चे का चुनाव चिन्ह हूबहू गायत्री परिवार संस्था के सिंबल जैसा ही है। ऐसे में गायत्री परिवार ने संयुक्त मोर्चे के चुनाव चिन्ह पर सख्त आपत्ति जताई है।


ओएफके में 18 नवंबर को मतदान
ओएफके में 18 नवंबर को कार्यसमिति के लिए मतदान होने जा रहा है। इसके िलए निर्माणी के प्रमुख कर्मचारी यूनियनें जोर आजमाइश में लगे हैं। इस बार लेबर यूनियन और इंटक एक साथ हैं। दोनों का संयुक्त चिन्ह जारी किया गया है। इसी संयुक्त सिंबल पर विवाद खड़ा हो गया है। इस चुनाव चिन्ह में एक हाथ को मशाल थामे हुए दिखाया गया है। गायत्री परिवार के पदाधिकारियों का कहना है कि उनका अधिकृत सिंबल चुनाव चिन्ह बना लिया गया है। गौरतलब है कि गायत्री परिवार के चिन्ह में भी हाथ थामे हुए मशाल है और इसके ठीक नीचे सर्किल में अनुयाइयों की भीड़ नजर आती है।


कोर्ट में जाने की चेतावनी दी
गायत्री परिवार के पदाधिकारियों का कहना है कि संस्था के सिम्बल का उपयोग करने का अधिकार न किसी राजनैतिक पार्टी को है और ही किसी ट्रेड यूनियन को। संस्था के सचिव राममनोहर वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उनके सिंबल का किसी भी तरह से ऐसा दुरुपयोग नहीं किया जा सकता। इधर इंटक के पदाधिकारियों का कहना है कि यह चुनाव चिन्ह सालों से चल रहा है। हम खुद भी गायत्री परिवार के समथर्क हैं। गायत्री परिवार के साथ हमारी कोई प्रतिस्पर्धा है ही नहीं। इस चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर कोर्ट में जाने की बात पर इंटक पदाधिकारियों ने कहा कि गायत्री परिवार के पदाधिकारियों को कोई बहका रहा है, वे मामला बैठकर सुलझा लेंगे।

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