पर्यावरण की नाश लीला: हाईवे किनारे सैकड़ों साल पुराने हजारों पेड़ काट कर रोप रहे, शो प्लांट

मुख्य मार्गों के दोनों ओर ऑक्सीजोन बढ़ाने की कवायद नाकाफी

 

By: Lalit kostha

Published: 11 Jun 2021, 04:58 PM IST

जबलपुर। शहर की मुख्य सडक़ों से लेकर एनएच के चौड़ीकरण के लिए सैकड़ों साल पुराने हजारों पेड़ काट दिए गए। मुख्य मार्गों के किनारे ऑक्सीजोन तेजी से सिमटा है। कई मार्गों के किनारे तो छांव ही नहीं बची है। इसके बावजूद इन पेड़ों की भरपायी के लिए डिवाइडर की जमीन पर शो प्लांट लगाए जा रहे हैं। जिनसे उस अनुपात में छाया, ऑक्सीजन कुछ भी मिलना सम्भव नहीं है। हैरानगी की बात तो ये कि नगर की सडक़ों से लेकर हाईवे के किनारे पौधरोपण के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं छोड़ी जा रही है।

जबलपुर-भोपाल मार्ग से हरियाली गायब-
एनएच 12 के किनारे पहले अंधमूक बायपास से लेकर जिले की अंतिम सीमा तक आम के सैकड़ों साल पुराने पेड़ थे। सडक़ के दोनों ओर ये पेड़ कर्व बनाते थे। इसके कारण मार्ग में छाया बनी रहती थी और तपती दोपहरी में भी मार्ग से होकर गुजरने में ज्यादा गर्मी का अहसास नहीं होता था। अब इस मार्ग में ज्यादातर जगह हरियाली बची ही नहीं है। इसी तरह से जबलपुर-नागपुर हाईवे में भी जिले की सीमा में बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए, लेकिन उनकी भरपायी के लिए उस अनुपात में पौधरोपण नहीं किया गया।

 

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फैक्ट फाइल-
-55 किलोमीटर है जिले में एनएच 12 की सीमा
-38 गांव जिले में शामिल
-6 हजार पेड़ काटे गए जिले की सीमा में
-200 से 250 साल तक पुराने पेड़ काटे

 

एक दशक में इतने पेड़ों पर भी चली कुल्हाड़ी-
-1500 पेड़ कटंगा-ग्वारीघाट मार्ग में
-1400 पेड़ सिविल लाइन क्षेत्र में
-800 पेड़ दमोहनाका से पाटन मार्ग
-600 पेड़ सगड़ा से धुआंधार
-900 पेड़ तिलवारा मार्ग
-40 पेड़ मदनमहल महल स्टेशन लिंक रोड
-125 पेड़ एनएमटी निर्माण के लिए काटे
-300 दमोहनाका-मदनमहल फ्लाईओवर मार्ग में काटे
-5500 के लगभग पेड़ निगम सीमा में काटे

नगर के अंदर भी जमकर चली कुल्हाड़ी-
नगर की सीमा में भी नई सडक़ों के निर्माण से लेकर पुरानी सडक़ों के चौड़ीकरण के लिए एक दशक में बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए हैं। सडक़ों के किनारे पौधरोपण नहीं किया गया। ज्यादातर जगह पौधरोपण के नाम पर शो प्लांट लगाए गए हैं।


विकास आवश्यक है लेकिन सडक़ निर्माण या चौड़ीकरण के लिए जो पेड़ काटे जाते हैं उनकी जगह वृहद स्तर पर पौधरोपण किया जाना चाहिए। नियमानुसार एक पौधे की कटाई पर दस पौधे लगाए जाना चाहिए। जितने पौधे रोपे जाते हैं सभी की ग्रोथ एक जैसी नहीं रहती है, लेकिन एनएच से लेकर नगर के अंदर भी सडक़ों के निर्माण के दौरान पौधरोपण के लिए किनारे जगह छोड़ी ही नहीं जा रही है।
- एबी मिश्रा, पर्यावरणविद्

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