सरकारी स्कूल चमके, निजी की रंगत फीकी

सफलता में सरकारी स्कूलों प्राइवेट स्कूलों का पढ़ाछा, केवि का जहां एक फीसदी बढ़ा परिणाम, निजी स्कूलों का हुआ कम

By: Mayank Kumar Sahu

Updated: 05 May 2019, 12:45 PM IST

जबलपुर।
क्या रहा प्रतिशत
98.12 केवि
97.07 प्रतिशत नवोदय
83.01 निजी स्कूल
तीन सालों में जिले की स्थिति
वर्ष-2017-2018-2019
सीबीएई-82.01-83.01-82
केवि-95.86-97.12-98.1
नवोदय-96.5-96.90-97.1
100 फीसदी में ये शामिल
1.केंद्रीय विद्यालय सीओडी
2.केंद्रीय विद्यालय वीएफजे
यह है स्थिति
सरकारी स्कूल छात्र-2028
पास हुए छात्र-1989
.......
प्राइवेट स्कूल छात्र-4000
पास हुए छात्र-3304
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विषय वार इस तरह रही स्थिति
हयूमिनिटीज संकाय-95 से 97 फीसदी
साइंस संकाय-94 से 96 फीसदी
वाणिज्य संकाय-90 से 95 फीसदी
.....
निजी स्कूलों के खराब परिणाम की वजह
1.स्कूलों में समय पर कोर्स पूरा न कराना
2.शिक्षकों का पढ़ाने में लापरवाही बरतना
3.स्कूल प्रबंधनों का बच्चों की तरफ ध्यान न देना
4.स्कूलों में अनावश्यक कोर्स मटेरियल का बोझ
जबलपुर।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल सीबीएसई बोर्ड के गतव वर्ष के परिणामों की तुलना में जहां केंद्रीय विद्यालय बाजी मारने में आगे रहे तो वहीं शहर के निजी स्कूलों पीछे। केंद्रीय विद्यालयों का परिणाम गत वर्ष की तुलना में जहां एक फीसदी बढ़ा तो वहीं निजी स्कूलों का परिणाम करीब एक फीसदी गिरा है। सीबीएसई अजमेर रीजन का इस वर्ष का परिणाम करीब 87 फीसदी बताया जा रहा है जो कि गतवर्ष की तुलना में 1 प्रतिशत कम है।
भव्य बिल्डिंग एवं चमक दमक से लबरेज रहने वाले निजी स्कूलों को सरकारी केंद्रीय विद्यालयों ने पटकनी दी है। जिले से एक भी प्राइवेट स्कूल 100 फीसदी परिणाम लाने में भी सफल नहीं हो सके है। जबकि केंद्रीय विद्यालयों से शहर के दो स्कूलों ने शत प्रतिशत परिणाम लाने में सफलता पाई है। निजी स्कूलों का परिणाम गत वर्ष जहां 83 फीसदी रहा वहीं इस बार 82 फीसदी बताया जा रहा है। वहीं दूसरी और केंद्रीय विद्यालयों ने 97.12 फीसदी परिणाम में एक फीसदी का उछाल लाते हुए 98.1 फीसदी लाने में सफल रहे। सीबीएसई स्कूलों का कुल औसतन परिणाम 85 प्रतिशत सामने आया है।
ढेर सारे स्कूल फिर भी पीछे
जिले में सीबीएसई से जुड़े करीब 36 स्कूल में करीब 4500 परीक्षार्थी रजिस्टर्ड हैं। इसमें से केवल 5 से 6 स्कूल ही 85 से 95 फीसदी परिणाम लाने में सफल हो सके। जबकि अधिकांश 75 से 82 के अंदर ढेर हो गए। पूरे अजमेर रीजन में शामिल करीब डेढ़ लाख छात्र शाामिल हुए। जिनका परिणाम 85 फीसदी बताया जा रहा है जबकि केंद्रीय विद्यालय संगठन की बात की जाए तो 64 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए। 98.54 प्रतिशत छात्रों ने सफलता अर्जित की।
हिंदी समूह में भी सफलता
बताया जाता है इस बार अच्छे अंक अर्जित करने वाले विषय समूहों में आशातीत वृद्धि हुई है। सब्जेक्ट वाइस छात्रों ने अच्छे अंक लाए। हिंदी जैसे विषय में भी छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। छात्रों ने 95 से लेकर 97 फीसदी तक अंक अर्जित किए। वहीं कुछ विषयो में 100 में से 100 अंक भी मिले।

- केवि का देशभर में शानदार प्रदशर्न रहा है। निजी स्कूल हमसे कोसो दूर है। हिंदी जैसे स्ट्रीम में भी छात्रों ने बेहतरीन अंक प्राप्त किए हैं। जिसकी वजह शिक्षकों बच्चों की पढ़ाई के प्रति फोकस रहना है।
- श्रीराम तिवारी, नेशनल प्रेसीडेंट,एआईकेविटीए

 

Mayank Kumar Sahu Reporting
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