सरकारी स्कूलों में नई व्यवस्था, अब ऑनलाइन होगी पढ़ाई

सरकारी स्कूलों में नई व्यवस्था, अब ऑनलाइन होगी पढ़ाई

Amaresh Singh | Publish: Oct, 14 2018 08:17:05 AM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

ऐसे स्कूलों को शॉर्टलिस्ट किया जा रहा है

जबलपुर। उच्च शिक्षा की तरह अब स्कूली शिक्षा में भी ऑनलाइन पढ़ाई की तैयारी शुरू की जा रही है। यह व्यवस्था हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में शुरू की जाएगी। इसे 'स्वयंप्रभा नाम दिया गया है। अभी स्कूलों के पास आवश्यक तकनीकी सामग्री, इंटरनेट, टीवी उपकरण नहीं हैं। ऐसे स्कूलों को शॉर्टलिस्ट किया जा रहा है, जहां आसानी से यह व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके।


मंत्रालय के चैनल से होगा लिंक
मानव संसाधन विभाग की ओर से 'स्वयंप्रभा टीवी चैनल प्रारंभ किया गया है। डायरेक्ट टू होम के 32 चैनल के माध्यम से क्वालिटी युक्त शैक्षिक सामग्री स्कूल के छात्रों के लिए स्वयंप्रभा की ओर से उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें आईआईटी सहित प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों के व्याख्यान का सीधा प्रसारण किया जा रहा है।
विज्ञान, गणित, फिजिक्स और कैमेस्ट्री- इस चैनल के माध्यम से छात्रों को अधिक अधिक शिक्षापद्र जानकारी देने और इंजीनियिरंग, मेडिकल की परीक्षाओं से तैयारी कराने के साथ ही कक्षा नवीं से कक्षा बारहवीं तक के छात्रों को विज्ञान, गणित, कैमेस्ट्री, फिजिक्स जैसे विषयों को पढ़ाया जाएगा।


पहली नजर में ये स्कूल

शासकीय उत्कृष्ट मॉडल स्कूल, शासकीय एमएलबी स्कूल, रानी दुर्गावती कन्या उमावि, शासकीय उमावि मेडिकल, शासकीय उमावि अधारताल, शासकीय उमावि कन्या करौंदीग्राम, कन्या उमावि ब्यौहारबाग, शासकीय उमावि गढ़ा, शा उमावि चेरीताल, शासकीय उमावि तेवर के अलावा हर विकासखंड के उत्कृष्ट स्कूल शामिल हैं।
9वीं से 12वीं कक्षा के लिए शुरू होगा पाठ्यक्रम


यह है स्थिति
11वीं और 12वीं के छात्रों को इंजीनियरिंग, मेडिकल में प्रवेश की तैयारी
हिंदी और अंग्रेजी में व्यवस्था
01 चैनल स्कूलों की पढ़ाई पर केंद्रित


जिले के 489 स्कूलों को एकीकृत किया गया


दो माह से चल रही स्कूलों को एकीकृत करने की कवायद स्कूल शिक्षा विभाग ने पूरी कर ली है। जिले के 489 स्कूलों को एकीकृत किया गया है। कलेक्टर ने सोमवार को ऐसे स्कूलों की सूची जारी कर दी है।
इन स्कूलों में जबलपुर नगरीय सीमा क्षेत्र के 40 स्कूल हैं। ग्रामीण क्षेत्र के 77 स्कूल शामिल हैं। बाकी स्कूल छह विकासखंडों के बताए जाते हैं। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत इन स्कूलों को एकीकृत कर संचालित किया जाएगा। संचालन के पूर्व आवश्यक तैयारियों को हर हाल में पूरा करने के लिए गाइड लाइन तय कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत कक्षा एक से 12 तक संचालित स्कूल नवीन स्वरूप में संचालित होंगे। कलेक्टर छवि भारद्वाज ने ऐसे सभी स्कूलों को समय सीमा में प्रक्रिया पूरी करने की सख्त हिदायत दी है।


यह तय की गई समय सीमा


एकीकृत शाला में नियमित प्राचार्य न होने की स्थिति में प्रभारी प्राचार्य की व्यवस्था पर अंतिम निर्णय लेने का समय 12 अक्टूबर तय किया गया है। जबकि, ऐसी शालाओं को एकीकृत समय सारिणी का निर्माण 14 अक्टूबर तक हरहाल में करना होगा। इसी तरह स्कूलों को संयुक्त स्टाफ कक्ष एवं स्टोर
रूम की व्यवस्था 28 अक्टूबर तक और एकीकृत शाला की
प्रबंध समिति की पहली साधारण सभा की बैठक 29 अक्टूबर
को होगी।

इनका कहना है
हर स्कूल में इसे शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए विभाग प्रयासरत है। उपकरणों की खरीदी के लिए स्थानीय निधि का उपयोग स्कूल कर सकते हैं।
राममोहन तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी

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