शादी हो गई लेकिन नवदम्पतियों को गृहस्थी सजाने नहीं मिली राशि, जाने क्या है कारण

शादी हो गई लेकिन नवदम्पतियों को गृहस्थी सजाने नहीं मिली राशि, जाने क्या है कारण

deepankar roy | Publish: Jun, 14 2018 06:40:42 PM (IST) | Updated: Jun, 14 2018 06:43:53 PM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

दो माह पहले यहां मुख्यमंत्री कन्या विवाह और निकाह योजना के तहत 336 जोड़ों के विवाह कराए गए थे

नरसिंहपुर/जबलपुर। दो माह पहले यहां मुख्यमंत्री कन्या विवाह और निकाह योजना के तहत 336 जोड़ों के विवाह कराए गए थे, जिन्हें आज तक सरकारी खजाने से गृहस्थी सजाने के लिए एक पैसा भी नहीं मिला। शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक जोड़े को लगभग 20 हजार रुपए की राशि मिलनी थी। इनके विवाह अक्षय तृतीया के दिन कराए गए थे। 20 हजार रुपए के मान से सभी जोड़ों को मिलने वाली कुल 67 लाख 20 हजार रुपए की राशि अभी तक उनके खातों में जमा नहीं हो सकी है। प्रशासन जल्द ही राशि उनके खातों में पहुंचाने की बात कह रहा है।


एक जोड़े को मिलता है 25 हजार रुपए की सहायता
सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण विभाग के अंतर्गत दीनदयाल अंत्योदय मिशन मध्यप्रदेश के तहत निराश्रित, निर्धन परिवार की विवाह, निकाह योग्य कन्या के सामूहिक विवाह हेतु गृहस्थी की स्थापना हेतु आर्थिक सहायता दी जाती है। विवाह के अवसर पर वधु को शासन की तरफ से 17 हजार रुपये गृहस्थी की स्थापना के लिए, तीन हजार रूपये वधु को स्मार्ट फोन के लिए और 5 हजार रूपये के आभूषण पायल, बिछिया, मंगलसूत्र व बर्तन सामग्री भेंट की जाती है। इस तरह एक जोड़े को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राज्य शासन द्वारा मुहैया कराई जाती है।


वधु को 5 हजार की सहायता
यहां विवाह के अवसर पर वधु को 5 हजार रूपये के आभूषण पायल, बिछिया, मंगलसूत्र व बर्तन सामग्री आदि भेंट की गई पर उनकी गृहस्थी सजाने और स्मार्ट फोन के लिए दी जाने वाली 20 हजार रुपए की राशि अभी तक नहीं मिल सकी। सभी जोड़ों से यह कहा गया था कि राशि जल्द ही उनके बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी। पर यह राशि शासन से जनपदों और नगर पालिका के खातों में भेजने और वहां से हितग्राहियों के खातों में जमा किए जाने की प्रक्रिया के बीच फंस कर रह गई है।


वेंडर सिस्टम लागू
बताया गया है कि इससे पहले जनपदों द्वारा हितग्राहियों के खातों में रुपया जमा करने के लिए चैक सिस्टम था। अब इसे बंद कर दिया गया है। भुगतान के लिए वेंडर सिस्टम लागू कर दिया है, जिसमें आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज जमा कराने के बाद वेंडर कोड जनरेट किया जाता है। जिसके आधार पर भुगतान किया जाता है। कई हितग्राहियों के द्वारा दस्तावेजों की पूर्ति न किए जाने और जनपद और नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा प्रक्रिया पूरी कराने में पर्याप्त रुचि न लिए जाने की वजह से प्रक्रिया मंथर गति से चल रही है।


इनका कहना है
मारे यहां से सभी जनपदों और नगर पालिकाओं को हितग्राहियों के हिस्से की राशि प्रदान की जा चुकी है। हितग्राहियों को राशि का भुगतान कराने का काम संबंधित निकायों का है।
अंजना त्रिपाठी, उप संचालक, सामाजिक न्याय विभाग


जल्द ही भुगतान हो जाएगा
शासन की भुगतान की नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक हितग्राही का एक वेंडर बनाना पड़ता है, जिसमें कई दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। इस प्रक्रिया में समय लगने से भुगतान नहीं हो सका है, प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। जल्द ही भुगतान हो जाएगा।
राजीव लघाटे, सीईओ जपं करेली


अभी तक एक पैसा नहीं मिला
मुख्यमंत्री कन्या विवाह और निकाह योजना के तहत जिन 336 जोड़ों के विवाह कराए गए थे। उनमें से किसी को भी अभी तक रुपया नहीं मिला है। जिन जोड़ों के निकाह कराए गए थे, उन्हें अभी तक एक पैसा नहीं दिया गया।
हुसैन पठान,
अध्यक्ष जिला वक्फ बोर्ड

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