गुप्त नवरात्रि का समापन आज, माता की आराधना पूजा से मिलेगी दुखों से मुक्ति: पंचांग

गुप्त नवरात्रि का समापन आज, माता की आराधना पूजा से मिलेगी दुखों से मुक्ति: पंचांग

 

By: Lalit kostha

Published: 30 Jun 2020, 11:00 AM IST

जबलपुर। शुभ विक्रम संवत् : 2077, संवत्सर का नाम : प्रमादी, शाके संवत् : 1942, हिजरी संवत् : 1441 , मु.मास : ,जिल्काद 08 , अयन : उत्तरायण, ऋतु : ग्रीष्म ऋतुु , मास : आषाढ़ , पक्ष : शुक्ल पक्ष
तिथि - सूर्योदय से सायं: 07.49 मि. तक पूर्णा संज्ञक दशमी तिथि रहेगी पश्चात नंदा संज्ञक एकादशी तिथि लगेगी। दशमी तिथि को यम् की पूजा करनी चाहिए, वे निश्चित ही सभी रोगों को नष्ट करने वाले और नरक तथा मृत्यु से मानव का उद्धार करने वाले हैं। एकादशी तिथि को विश्वेदेवों की भली प्रकार से पूजा करनी चाहिए। वे भक्त को संतान, धन-धान्य और पृथ्वी प्रदान करते हैं।
योग- सूर्योदय से दोप. 02.15 मि. तक शिव योग रहेगा पश्चात सिद्ध योग लगेगा। शिव योग के स्वामी मित्रदेव माने जाते हैं जबकि सिद्ध योग के स्वामी भगवान कार्तिकेय माने गए हैं।
विशिष्ट योग- शिव एवं सिद्ध दोनों ही योग को शुभ माना जाता है। इनमे किए गए कार्य की सफलता सुनिश्चित रहती है। शिव योग में धार्मिक कार्य एवं सिद्ध योग में सामाजिक तथा पारिवारिक कार्य सफल रहते हैं।
करण- सूर्योदय से प्रात: 09.02 मि. तक तैतिल नामक करण रहेगा पश्चात गर नामक करण लगेगा। इसके पश्चात वणिज नामक करण लगेगा।
नक्षत्र- सूर्योदय से अर्धरात्रि 04.03 मि. तक चर चल स्वाती नक्षत्र रहेगा पश्चात मिश्र साधारण विशाखा नक्षत्र लगेगा। नए-पुराने वाहनों का क्रय-विक्रय, वाहन के संचालन, वाहन से यात्रा करने या सवारी आदि के लिए स्वाती नक्षत्र शुभ माने गए हैं। औषधि एवं रसायन के निर्माण, औषधि सेवन, सर्जरी और चिकित्सा संबंधी अन्य कार्यों के लिए विशाखा नक्षत्र शुभ माने गए हैं।



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IMAGE CREDIT: patrika

आज के मुहूर्त - अनुकूल समय में समस्त कृषि कर्म करने के लिए शुभ मुहूर्त है।
चौघडिय़ा के अनुसार समय - प्रात: 09.07 मि. से दोप. 02.08 मि. तक क्रमश: चंंचल लाभ व अमृत के
चौघडिय़ा रहेंगे।
व्रत/पर्व - गुप्त नवरात्रि का पारण। गिरिजा पूजा दशमी। सोपपदा दशमी। आशा दशमी। मन्वादि दशमी।
चंद्रमा - सूर्योदय से लेकर सम्पूर्ण दिवस पर्यन्त तक चंद्रमा वायु तत्व की तुला राशि में रहेंगे।
दिशाशूल - उत्तर दिशा में। (अगर हो सके तो आज के दिन उत्तर दिशा में यात्रा को टालना चाहिए)।
राहु काल - दोप. 03.48.40 से 05.28.57 तक राहु काल वेला रहेगी। अगर हो सके तो इस समय में शुभ कार्यों को करने से बचना चाहिए।
आज जन्म लिए बच्चे- आज जन्म लिए बच्चों के नाम (रू, रे, रो, ता, ती) अक्षरों पर रख सकते हैं। आज अर्धरात्रि 04.03 मि. तक जन्मे बच्चों का जन्म चांदी के पाए में होगा पश्चात लोहे के पाए में होगा। सूर्योदय से लेकर सम्पूर्ण दिवस पर्यन्त तक तुला राशि रहेगी। आज जन्म लिए बच्चे शरीर से सुंदर होंगे। प्राय: इनका
भाग्योदय करीब 31 वर्ष की आयु में होगा। ऐसे जातक परोपकारी व संघर्षशील होंगे। इनकी विज्ञान विषय के रुचि रहेगी। प्राय: भोगविलासी व धनसम्पदा से परिपूर्ण रहेंगे। तुला राशि में जन्मे जातक को वस्तु संग्रहण से बचना चाहिए। साहित्यप्रेम को जीवित रखना चाहिए।

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Lalit kostha Desk
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