गुप्त नवरात्रि और मौनी अमावस्या का संयोग, पुण्य कमाने का सबसे अच्छा मुहूर्त: पंचांग

गुप्त नवरात्रि और मौनी अमावस्या का संयोग, पुण्य कमाने का सबसे अच्छा मुहूर्त: पंचांग

 

By: Lalit kostha

Updated: 25 Jan 2020, 10:36 AM IST

जबलपुर। शुभ विक्रम संवत् : 2076, संवत्सर का नाम : परिधावी, शाके संवत् : 1941, हिजरी संवत् : 1441 , मु.मास : जमादि उल , अव्वल 29, अयन : उत्तरायण, ऋतु : शिशिर ऋतुु , मास : माघ, पक्ष : शुक्ल पक्ष
तिथि - सूर्योदय से अर्धरात्रि 04.31 मि. तक नंदा संज्ञक एकम तिथि रहेगी, पश्चात भद्रा संज्ञक द्वितीया तिथि लगेगी। प्रतिपदा तिथि में अग्निदेव की पूजा करके अमृतरूपी घृत का हवन करे तो उस हवि से समस्त धान्य और अपरिमित धन की प्राप्ति होती है। द्वितीया को ब्रह्मदेव की पूजा करके ब्रह्मचारी ब्राह्मण को भोजन कराने से मनुष्य सभी विद्याओं में पारंगत हो जाता है।
योग- सूर्योदय से अर्धरात्रि 02.15 मि. तक सिद्धि योग रहेगा, पश्चात व्यतिपात योग लगेगा। सिद्धि योग के स्वामी श्रीगणेशजी माने जाते हैं। जबकि, व्यतीपात योग के स्वामी रुद्रदेव माने गए हैं।
विशिष्ट योग- सिद्धि योग बेहद शुभ योग माना जाता है। इसमें किए गए समस्त कार्य सफल होते हैं। व्यतिपात योग बेहद अशुभ योग होता है। इसमें समस्त शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
करण- सूर्योदय से दोप. 03.52 मि. तक किंस्तुघ्न नामक करण रहेगा पश्चात बव नामक करण लगेगा। इसके पश्चात बालव नामक करण लगेगा।
नक्षत्र- सूर्योदय से अर्धरात्रि 04.34 मि. तक चर चल श्रवण नक्षत्र रहेगा पश्चात चर चल धनिष्ठा नक्षत्र लगेगा। वर-वधू की दिखाई रस्म के लिए श्रवण नक्षत्र शुभ माने गए हैं। वृक्षारोपण जैसे कार्यों के लिए श्रवण एवं धनिष्ठा दोनों नक्षत्र उपयुक्त होते हैं। नए-पुराने वाहनों का क्रय-विक्रय, वाहन से यात्रा करने या सवारी आदि के लिए श्रवण एवं धनिष्ठा दोनों नक्षत्र शुभ माने गए हैं।

 

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आज के मुहूर्त - अनुकूल समय में माघी नवरात्रि पर्व में गुप्त अनुष्ठान की शुरुआत करने के लिए शुभ मुहूर्त है।
चौघडिय़ा के अनुसार समय - प्रात: 08.31 मि. से 09.53 मि. तक शुभ का चौघडिय़ा रहेगा एवं दोप. 12.36 मि. से 04.41 मि. तक क्रमश: चंचल लाभ व अमृत के चौघडिय़ा रहेंगे।

व्रत/पर्व - माघ शुक्ल पक्ष प्रारंभ। गुप्त नवरात्रि प्रारंभ। नवरात्रि विधान प्रारंभ।
चंद्रमा - सूर्योदय से लेकर सम्पूर्ण दिवस पर्यन्त तक चंद्रमा पृथ्वी तत्व की मकर राशि में रहेंगे।
दिशाशूल- पूर्व दिशा में। (अगर हो सके तो आज के दिन पूर्व दिशा में यात्रा को टालना चाहिए)।
राहु काल - प्रात: 09.53.05 से 11.14.46 तक राहु काल वेला रहेगी। अगर हो सके तो इस समय में शुभ कार्यों को करने से बचना चाहिए।
आज जन्म लिए बच्चे- आज जन्म लिए बच्चों के नाम (खी, खू, खे, खो, ग) अक्षरों पर रख सकते हैं। आज जन्मे बच्चों का जन्म तांबे के पाए में होगा। सूर्योदय से लेकर सम्पूर्ण दिवस पर्यन्त तक मकर राशि रहेगी। आज जन्म लिए बच्चे शरीर से बलीष्ठ होंगे। सामान्यत: इनका भाग्योदय करीब 23 वर्ष की आयु में होगा। ऐसे जातक विभिन्न कलाओं के पारखी होंगे। इनमें विलक्षण प्रतिभा रहेगी व धनीमानी होंगे। प्राय: स्वार्थसाधना में निपुण होंगे। मकर राशि में जन्मे जातक को गंभीर मनोवृत्ति से बचना चाहिए। सत्यभाषी स्वभाव की अधिकता मान सम्मान बढ़ाएगी।

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Lalit kostha Desk
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