Hari Naam Mantra in hindi- इस बच्चे ने एक मंत्र से पा लिए थे भगवान, आप भी करें जाप होगी ईश्वर की कृपा

मंत्र कलियुग के पापों को नष्ट करने वाला माना गया है, मंत्र का जाप करने वाला मृत्यु के पश्चात बैकुंठ धाम को जाता है

By: Lalit kostha

Published: 24 Jul 2017, 10:15 AM IST

जबलपूर।  भक्त प्रहलाद को कौन नहीं जानता। उस बालक ने केवल हरिनाम का मंत्र जपकर स्वयं भगवान विष्णु को पा लिया था। यही हरे राम हरे कृष्ण मंत्र कलियुग में भगवान की प्राप्ति, मन को शांति देने वाला मंत्र है। इस मंत्र की महिमा का बखान हिन्दू धर्म के पुराणों व ग्रंथों में किया गया है। मान्यता के अनुसार इस मंत्र के जाप मात्र से व्यक्ति के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। यह मुक्ति पाने का सरल मंत्र मन जाता है। 

हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे॥

हिन्दू ग्रंथों और पुराणों में मंत्र की चर्चा 

श्रीमद्भागवत के अनुसार कलियुग में पाप बहुत अधिक है इसलिए उन पापों का नाश कर भगवान की प्राप्ति का सबसे सरल साधन "श्री हरि" का मंत्र है। "श्री हरि" मंत्र कलियुग के पापों को नष्ट करने वाला माना गया है। पद्मपुराण के अनुसार "श्री हरि" के मंत्र का जाप करने वाला मृत्यु के पश्चात बैकुंठ धाम को जाता है। ब्रह्माण्ड पुराण के अनुसार इस नाम-मंत्र के जाप मात्र से मनुष्य ब्रह्ममय हो जाता है तथा उसे विभिन्न सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है।


mahamrityunjay mantra

यज्ञ, हवन, पूजा आदि से श्रेष्ठ है हरि नाम - 
श्रीमद्भागवत में लिखा है कि यज्ञ, अनुष्ठान, पूजा, व्रत आदि में जो कमी रह जाती है वह इस हरि नाम मात्र के जाप से पूर्ण हो जाती है। "हरि नाम" अनुष्ठान, पूजा, व्रत से श्रेष्ठ है। ,रामायण, महाभारत, वेद, पुराण, गीता सभी में "हरि नाम" का गुणगान किया गया है।

वेदों और पुराणों भगवान विष्णु को श्रृष्टि का पालनहार कहा गया है. मानव जीवन से जुड़े सुख-दुख का चक्र श्री हरि‍ के हाथों में है. भगवान की उपासना में विष्णु सहस्रनाम के पाठ का बहुत महत्व है. इस स्तोत्र में लक्ष्मीपति के एक हजार नाम दिए हैं. अगर आप रोज ये स्त्रोत्र नहीं पढ़ सकते तो जानें विष्णु के हजारों नाम का फल देने वाला मंत्र, इस मंत्र से मिलेगा विष्णु सहस्रनाम स्त्रोत्र का लाभ- 

'नमो स्तवन अनंताय सहस्त्र मूर्तये, सहस्त्रपादाक्षि शिरोरु बाहवे।
सहस्त्र नाम्ने पुरुषाय शाश्वते, सहस्त्रकोटि युग धारिणे नम:।

यह एक श्लोक है, जिस का असर उतना ही है, जितना कि विष्णु सहस्रनाम स्त्रोत्र का है. रोज सुबह इस एक मंत्र का जाप करने से जीवन में आने वाली कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है.


shani dev mantra,shani dev mantra in hindi,shani mantra in hindi,shani mantra in hindi pdf,shani dev mantra mp3 free download,shani mantra 108,shani mantra lyrics,shani maha mantra,shani mantra meaning,lord shani dev maha mantra very powerful mantra, shan

विष्णु सहस्रनाम से होने वाले लाभ- 
भीष्मपितामह ने विष्णु के एक हजार नाम बताने के साथ ही युधिष्ठिर से कहा कि हर युग में मनोकामना पूर्ति के लिए, इन एक हजार नामों को सुनना और पढ़ना सबसे उत्तम होगा. इसका नियमित पाठ करके हर संकट से मुक्ति मिल जाती है. विष्णु सहस्रनाम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह हिंदू धर्म के दो प्रमुख सम्प्रदाय शैव और वैष्णवों के बीच यह जुड़ाव का काम करता है.

विष्णु सहस्रनाम में विष्णु को शम्भु, शिव, ईशान और रुद्र के नाम से बुलाया गया है, जिससे यह साबित होता है कि शिव और विष्णु एक ही है. सनातन सम्प्रदाय में धर्म को कभी भी मानव समाज के रूप में नहीं बताया गया है. सही मायनों में धर्म को मनुष्य के कर्तव्य नियम के रूप में बताया गया है, जिसे हम कर्म भी कहते हैं. विष्णु सहस्रनाम भी कर्म प्रधान है.

विष्णु के इन एक हजार नामों में मानव धर्म के बारे में बताया गया है. मनुष्य द्वारा मानसिक और शारीरिक रूप से होने वाले सभी काम और उनके फलों का वर्णन है. जैसे सहस्रनाम में 135वां नाम ‘धर्माध्यक्ष’ है. इसका मतलब है कि कर्म के अनुसार इंसान को पुरस्कार या दंड देने वाले देव.

जाप से  धन-वैभव एवं संपन्नता में वृद्धि - 
गुरुवार के दिन भगवान विष्णु का स्मरण कर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करना फलदायी रहता है. शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु जगत का पालन करने वाले देवता हैं. उनका स्वरूप शांत और आनंदमयी है. श्रीहरि विष्‍णु के विविध मंत्र हैं जिनका जाप कर धन-वैभव एवं संपन्नता में वृद्धि की जा सकती है.

लक्ष्मी विनायक मंत्र
दन्ताभये चक्र दरो दधानं, कराग्रगस्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।
धृताब्जया लिंगितमब्धिपुत्रया, लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे।

amazing love marriage, planetary will ignore the l

विष्णु के पंचरूप मंत्र 
ॐ अं वासुदेवाय नम:
ॐ आं संकर्षणाय नम:
ॐ अं प्रद्युम्नाय नम:
ॐ अ: अनिरुद्धाय नम:
ॐ नारायणाय नम:

ॐ ह्रीं कार्तविर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान।
यस्य स्मरेण मात्रेण ह्रतं नष्‍टं च लभ्यते।।

सरल जाप 
ॐ नमो नारायण। श्री मन नारायण नारायण हरि हरि।।

धन-वैभव एवं संपन्नता पाने का विशेष मंत्र 
ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि। 
ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।।

शीघ्र फलदायी मंत्र 
- श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे। 
हे नाथ नारायण वासुदेवाय।।

- ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।

- ॐ विष्णवे नम:

Show More
Lalit kostha Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned