हरतालिका तीज व्रत - जानिए पार्वतीजी ने किस तरह की थी शिवजी की पूजा

हरतालिका तीज व्रत - जानिए पार्वतीजी ने किस तरह की थी शिवजी की पूजा

deepak deewan | Publish: Sep, 05 2018 08:34:05 AM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

पार्वतीजी ने किस तरह की थी शिवजी की पूजा

जबलपुर. 12 सितम्बर का दिन सनातन संस्कृति के लिए अहम दिन है। इस दिन भाद्रपद शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि को सुहागिनें और कन्याएं हरतालिका तीज का व्रत व उपासना करेंगी। ज्योतिर्विदों के अनुसार सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए हरतालिका तीज की स्तुति-आराधना की जाती है। महत्वपूर्ण व्रत में महिलाएं दिन-रात निर्जल व्रत कर उपासना करती हैं।


हरतालिका तीज व्रत पर सुहागिनें, कन्याएं करेंगी शिव-पार्वती की पूजा

ज्योतिर्विद जनार्दन शुक्ला के अनुसार अटल सुहाग एवं सुखमय दाम्पत्य जीवन की कामना से सुहागिनें हरतालिका तीज व्रत करती हैं। वहीं सुयोग्य वर प्राप्ति के लिए कन्याएं भी इस मुहूर्त में भगवान शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले यह व्रत किया जाता है। गणेश चतुर्थी को भगवान का पूजन कर व्रती महिलाएं पारण करती हैं। इस व्रत में सुहागिनें सोलह श्रृंगार कर व्रत रखती हैं। सुहागिनें और कन्याएं हरतालिका तीज का व्रत व उपासना रखती हैं.


रात्रि में होती है पूजा, सुखी जीवन के लिए निर्जला व्रत
व्रतधारी सुहागिनें सूर्यास्त से अद्र्ध रात्रि तक पूजन-अर्चन करती हैं। फूलों का मंडप सजाकर पूजा की चौकी पर केले के पत्ते पर भगवान शिव-पार्वती की प्रतिमा रखकर पूजन-अभिषेक किया जाता है। व्रतधारी महिलाएं हरतालिका तीज की कथा सुनती हैं। इस व्रत में रात्रि जागरण का विशेष महत्व है। सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए हरतालिका तीज की स्तुति-आराधना की जाती है। व्रत में महिलाएं दिन-रात निर्जल व्रत कर उपासना करती हैं।


मां पार्वती ने किया था पार्थिव शिवलिंग निर्माण
शास्त्रों के अनुसार यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती के अनन्य प्रेम की दास्तान का पर्व है। इसी तिथि पर शिवजी को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए भगवती पार्वती ने रेत का पार्थिव शिवङ्क्षलग निर्मित कर उसकी पूजा की थी। उन्होंने अन्न जल त्याग कर कठिन तप साधना की थी। इस तिथि में हरतालिका तीज व्रत विधान पूर्वक किया जाता है।

Ad Block is Banned