heavy rain: घरों में घुसा पानी, कई मकान गिरे, वीडियो में देखें नदियों का रौद्र रूप

heavy rain: घरों में घुसा पानी, कई मकान गिरे, वीडियो में देखें नदियों का रौद्र रूप

Premshankar Tiwari | Publish: Sep, 08 2018 03:13:16 PM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

खतरे की निशान की तरफ बढ़ रही नर्मदा नदी, अलर्ट घोषित

जबलपुर। शहर व आसपास के जिलों में पिछले एक पखवाड़े से बादल डेरा डाले हुए हैं। बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार को भी जबलपुर के साथ कटनी और नरसिंहपुर में जोरदार बारिश हुई। मौसम की कुल बारिश का आंकड़ा 41 इंच को पार कर गया। बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। नर्मदा नदी खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही है। कटनी नदी का पानी बस्तियों तक जा पहुंचा है। इसकी वजह से कई गरीबों के आशियाने धराशायी हो गए। इधर ऊपरी इलाकों से पानी की लगातार आवक को देखते हुए बरगी डैम के 11 गेट खोल दिए गए हैं। इनकी उंचाई शनिवार को एक से ढाई मीटर तक बढ़ा दिया गया है।

कई गांवों से संपर्क टूटा
सितंबर माह में मानसूनी बारिश का दौर जारी है। गुरुवार और शुक्रवार को हुई बारिश से नर्मदा नदी, हिरन नदी, गौर नदी, सुहार नदी समेत अन्य नदियां उफान पर हैं। इसी तरह कटनी में कटनी नदी, महानदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नरसिंहपुर में भी नर्मदा नदी के साथ शक्कर नदी, शेर नदी समेत अन्य नदी नाले उफान पर है। इनकी वजह से कई गांवों का संपर्क नगरों से टूट गया है। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।

आशियाने हुए धराशायी
कुठला थाना क्षेत्र के बिलहरी में 1 दर्जन से अधिक लोगों के कच्चे मकान गिर गए हैं। इससे काफी नुकसान हुआ है। गरीब वर्ग बुरी तरह प्रभावित है। बताया गया है कि कटनी के हरिजन मोहल्ला ग्राम पंचायत बडख़ेड़ा तहसील रीठी के नीना चौधरी, नन्हा चौधरी, बेड़ी लाल, राजकुमार चौधरी, मुकेश चौधरी, बहादुर चौधरी, सुरेश चौधरी, सूरज चौधरी, बिहारी लाल, लल्लू चौधरी , केश लालचौधरी, नरेंद्रचौधरी , मंजू चौधरी, छेदी चौधरी , सुखदेव चौधरी सहित अन्य लोगों के घर बारिश में धराशायी हो गए हैं। इनके समक्ष अब सिर छिपाने की समस्या खड़ी हो गई है।

डैम के गेटों की ऊंचाई बढ़ाई
कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश की वजह से बरगी बांध के बढ़ रहे जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए शनिवारको सुबह 9 बजे बांध के खुले सभी 11 गेटों से पानी छोडऩे की मात्रा को 3 हजार 465 क्यूमेककर दिया गया। इसके लिये इन 11 गेटों की औसत ऊंचाई 0.72 मीटर से बढ़ाकर 2.04 मीटर कर दी गई है। शनिवार सुबह 6 बजे बांध का जलस्तर 422.90 मीटर दर्ज किया गया था। यह इसके पूर्ण जलभराव स्तर 422.76 मीटर से 0.14 मीटर अधिक है । बांध में इस समय करीब 3300 क्यूमेक वर्षा जल प्रवेश कर रहा है। बताया गया है कि सुबह पानी छोडऩे की मात्रा को बढ़ाने के लिए बांध के गेट एक-एक मीटर तक खुले 5 गेट ढाई- ढाई मीटर तक खोल दिये गए हैं। जबकि आधा - आधा मीटर तक खुले 6 गेटों में से 4 गेट दो - दो मीटर और 2 गेट एक-एक मीटर तक खोल दिए गए हैं। बांध से अभी जल विद्युत उत्पादन इकाइयों के लिए 212 क्यूमेक पानी भी छोड़ा जा रहा है ।

निचले इलाकों में अलर्ट
बरगी बांध की नहर प्रकोष्ठ के कार्यपालन यंत्री अजय सूरे ने बताया कि बांध से पानी छोडऩे की मात्रा बढ़ाने की सूचना निचले क्षेत्रों के सभी जिलों को दे दी गई है । उन्होंने नर्मदा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों के रहवासियों से सतर्क रहने तथा डूब क्षेत्र में प्रवेश न करने की अपील की है ।कार्यपालन यंत्री के मुताबिक इस सीजन में अभी तक बांध के जलद्वारों से 1480 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा चुका है । इस सीजन में पहली बार 24 जुलाई को बांध के गेट खोले गए थे ।

रोगों का संक्रमण
सूत्रों के अनुसार जबलपुर के सरकारी अस्पतालों में जांच के लिए आए 19 संदिग्ध मरीजों को डेंगू पॉजीटिव मिला है। डेंगू पीडि़तों की लगातार बढ़ रही संख्या और एक ही दिन में बड़ी संख्या में डेंगू जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आने से मच्छर जनित बीमारी का खतरा बढ़ गया है। डेंगू पीडि़त मरीजों के घर के आसपास स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है। बीमारी की रोकथाम में जुटे महकमे ने पीडि़तों के आसपास के घरों में बुखार के अन्य संदिग्ध मरीजों की जांच कर रहा है।

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