नोटिस का नहीं दिया जवाब, फिर कैसे कर रहे एंग्लो इंडियन विधायक का मनोनयन : हाईकोर्ट

नोटिस का नहीं दिया जवाब, फिर कैसे कर रहे एंग्लो इंडियन विधायक का मनोनयन : हाईकोर्ट
MLA,MP High Court,KamalNath,high court. mp high court jabalpur

Abhishek Dixit | Updated: 23 Jul 2019, 09:50:00 PM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

केंद्र व राज्य सरकार से हाईकोर्ट ने पूछा, तीन सप्ताह में मांगा जवाब

जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने केन्द्र व राज्य सरकार से पूछा कि जब एंग्लो इंडियन विधायक मनोनीत करने के खिलाफ लंबित याचिका पर कोर्ट के नोटिस का जवाब अब तक पेश नहीं किया गया, तो फिर से ऐसा क्यों किया जा रहा है? एक्टिंग चीफ जस्टिस आरएस झा व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने अनावेदकों को जवाब के लिए 3 सप्ताह की मोहलत दी।

यह है मामला
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ.पीजी नाजपांडे ने याचिका में कहा कि एंग्लो इंडियन विधायक मनोनीत करने का प्रावधान सर्वथा अनुचित है। देश की आजादी के बाद शुरूआती 10 वर्ष के लिए यह प्रावधान किया गया था। तब से लेकर अब तक इसे बार-बार 10 वर्ष के लिए आगे बढ़ाया जा रहा है। अब जबकि प्रदेश में एंग्लो इंडियन समुदाय नगण्य के बराबर है, इस समुदाय से विधायक मनोनयन सर्वथा अनुचित है। इसलिए अब भारतीय संविधान के अनुच्छेद-331 व 35 में दी गई व्यवस्था की संवैधानिक वैधता सवालों के दायरे में है।

फिर कर रहे मनोनयन की तैयारी
अधिवक्ता अजय रायजादा ने तर्क दिया कि हाईकोर्ट ने इस मामले में जनवरी 2019 में नोटिस जारी किए थे। तब से लेकर अब तक छह माह गुजर गए लेकिन अनावेदकों ने जवाब पेश नहीं किया। बल्कि प्रदेश की अल्पमत वाली नई सरकार को बहुमत प्रदान करने की साजिश के तहत फिर से एंग्लोइंडियन समुदाय से विधायक मनोनयन की पूरी तैयारी कर ली गई है। इस पर केंद्र व राज्य सरकार की ओर से जवाब पेश करने के लिए समय मांगा गया। आग्रह मंजूर कर कोर्ट ने तीन सप्ताह का समय दे दिया।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned