scriptHigh Court asked why work in 32 years power plant not start | हाईकोर्ट पावर प्लांट को लेकर सख्त, राज्य सरकार से पूछा क्यों 32 साल में भी शुरू नहीं हुआ छिंदवाड़ा में काम? | Patrika News

हाईकोर्ट पावर प्लांट को लेकर सख्त, राज्य सरकार से पूछा क्यों 32 साल में भी शुरू नहीं हुआ छिंदवाड़ा में काम?

राज्य सरकार, कलेक्टर छिंदवाड़ा, भू-अर्जन अधिकारी, मप्र पावर ट्रेडिंग कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और मेसर्स अडानी पेंच पावर लिमिटेड भोपाल के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट को नोटिस जारी

जबलपुर

Published: May 07, 2022 10:10:46 am

जबलपुर। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि बीते 32 साल से छिंदवाड़ा जिले में प्रस्तावित पावर प्लांट का काम क्यों नहीं शुरू हुआ? जस्टिस पुरुषेंद्र कौरव की सिंगल बेंच ने मामले पर शुक्रवार को राज्य सरकार, कलेक्टर छिंदवाड़ा, भू-अर्जन अधिकारी, मप्र पावर ट्रेडिंग कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और मेसर्स अडानी पेंच पावर लिमिटेड भोपाल के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। अगली सुनवाई 21 जून को होगी।

Mp High Court Jabalpur
Mp High Court Jabalpur

छिंदवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत हिवरखेड़ी की सरपंच संतोषी बाई, ग्राम पंचायत थानवरी ठेका के सरपंच गोपाल उइके, ग्राम पंचायत धनगवानी पिपरिया की सरपंच नीमवती चंद्रा व ग्राम पंचायत धनौर की सरपंच उर्वशी वर्मा की ओर से याचिका दायर की गई।

वरिष्ठ अधिवक्ता केसी घिल्डियाल व अधिवक्ता एमआर वर्मा ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने 1987-88 में थर्मल पावर प्लांट बनाने के लिए करीब 750 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की थी। सरकार ने 2009 में अडानी कंपनी के साथ इसके लिए एग्रीमेंट किया था। इसके बाद आज तक पावर प्लांट के नाम पर कुछ नहीं हुआ। तर्क दिया गया कि अधिग्रहण की शर्त के तहत ग्रामीणों का पुनर्वास और परिवार के एक सदस्य को नौकरी का प्रावधान था। उक्त ग्राम पंचायतों ने सभी उच्चाधिकारियों को सैकड़ों बार अभ्यावेदन दिया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

हाईकोर्ट ने कलेक्टर से पूछा- सरकारी चरनोई की जमीन पर कैसे हो गए अतिक्रमण?
हाईकोर्ट ने पूछा कि छिंदवाड़ा जिले की चौरई तहसील के सलकानी गांव में चरनोई की जमीन पर अतिक्रमण कैसे हो गए? जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रवि मलिमठ व जस्टिस पुरुषेंद्र कौरव की डिवीजन बेंच ने राजस्व विभाग प्रमुख सचिव, छिंदवाड़ा कलेक्टर, एसडीओ व तहसीलदार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।

सलकानी गांव निवासी संत कुमार शर्मा ने याचिका दायर की। उनकी ओर से अधिवक्ता संजय पटेल ने कोर्ट को बताया कि वगांव में कई एकड़ सरकारी जमीन चरनोई के लिए आरक्षित है। लेकिन, गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने उक्त जमीन पर अतिक्रमण कर लिया है। ग्रामीण इस जमीन को निस्तार के लिए भी इस्तेमाल करते हैं।

जमीन पर अवैध कब्जे के कारण किसानों को पशुओं को चराने में दिक्कत आ रही है। गांव के बच्चे भी यहां खेलते हैं। अतिक्रमण के चलते ग्रामीणों में विवाद भी हो रहा है। याचिका में आग्रह किया गया कि उक्त जमीन को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया जाए।

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