हाईकोर्ट ने किया MP सरकार से जवाब-तलब, मांगी ऑक्सीजन सहित अन्य सुविधाओं की ताजा रिपोर्ट

-MP सरकार को कोर्ट को देनी है राज्य में ऑक्सीजन उपलब्धता की अद्यतन जानकारी
-कोरोना से बचाव के उपायों की पूरी जानकारी भी उपलब्ध करानी है सरकार को

By: Ajay Chaturvedi

Published: 22 Jul 2021, 11:22 AM IST

जबलपुर. एक तरफ जहां पूरे देश में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत को लेकर बवंडर मचा है, उसी बीच मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से सूबे में ऑक्सीजन की उपलब्धता की रिपोर्ट तलब कर ली है। कोर्ट ने सरकार से साफ तौर पर कहा है कि वह अगली पेशी पर जिलेवार ऑक्सीजन प्लांट की अद्यतन रिपोर्ट पेश करे। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा है कि प्रदेश के कितने जिलों में ऑक्सीजन, आईसीयू, वेंटिलेरयुक्त बेड व सीटी स्कैन मशीनें लग चुकी हैं।

जानकारी के अनुसार सरकार ने हाईकोर्ट में टीकाकरण संबंधी विस्तृत रिपोर्ट पेश की। इसमें बताया गया है कि प्रदेश को मई में 35 लाख, जून में 54 लाख फिर 19 जुलाई तक कुल 60 लाख वैक्सीन मिल चुकी है। इस तरह से राज्य को अब तक कुल एक करोड़ 51 लाख वैक्सीन मिल चुकी है। सरकार ने यह भी बताया है कि अगस्त माह के लिए एक करोड़ वैक्सीन मिलने की उम्मीद है, जबकि वर्तमान परिस्थितियों में मध्य प्रदेश को हर माह डेढ़ करोड़ वैक्सीन की आवश्यकता है। ऐसे में हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को यह निर्देश दिया है कि सितंबर माह तक राज्य के हर व्यक्ति को वैक्सीन की एक डोज लगाने का लक्ष्य पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराई जाए।

इसके साथ ही निजी अस्पतालों की दरों को लेकर भी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह निर्देश दिया है कि कोर्ट मित्र के सुझाव पर अमल हो। कोर्ट मित्र ने हाईकोर्ट को बताया कि देश के आठ राज्यों में निजी अस्पतालों की दरों को निर्धारित किया जा चुका है। ऐसे में मध्य प्रदेश में भी निजी अस्पतालों की दरों को निर्धारित किया जाना चाहिए। इस मामले पर अगली सुनवाई 10 अगस्त को तय की गई है, जिसमें सरकार मध्य प्रदेश में ऑक्सीजन के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी।

Ajay Chaturvedi
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