मप्र-छत्तीसगढ़ सरकार को हाईकोर्ट की फटकार, नोटिस देकर मांगा जवाब

मप्र-छत्तीसगढ़ सरकार को हाईकोर्ट की फटकार, नोटिस देकर मांगा जवाब
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Lalit Kumar Kosta | Updated: 14 Jun 2019, 12:02:35 PM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

मप्र-छत्तीसगढ़ सरकार को हाईकोर्ट की फटकार, नोटिस देकर मांगा जवाब

 

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार सहित छत्तीसगढ़ के अधिकारियों से पूछा कि मध्य प्रदेश क ो छत्तीसगढ़ से सीधे जोडऩे वाले जबलपुर-मंडला होकर चिल्पीघाटी-कवर्धा मार्ग का निर्माण क्यों नहीं हो पा रहा है? गुरुवार को जस्टिस अंजुली पालो व जस्टिस वीपीएस चौहान की डिवीजन बेंच ने मामले पर राज्य सरकार के शहरी प्रशासन विभाग प्रमुख सचिव, जबलपुर, मंडला व छग के कवर्धा जिले के कलेक्टरों, मप्र व छग के सडक़ विकास निगमों सहित अन्य को नोटिस जारी किए। 4 सप्ताह में अनावेदकों से स्पष्टीकरण मांगा गया।

news facts-

प्रदेश को छत्तीसगढ़ से जोडऩे वाली सडक़ का तीन साल से क्यों नहीं हो पा रहा निर्माण

- हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर की सुनवाई
- राज्य सरकार, मप्र व छग के सडक़ विकास निगमों से मांगा जवाब
- जबलपुर, मंडला व कवर्धा कलेक्टरों सहित अन्य को जारी किए नोटिस

जर्जर हो चुकी सडक़
गुप्तेश्वर जबलपुर निवासी वीरेन्द्र कुमार रजक ने जनहित याचिका दायर कर कहा कि जबलपुर से छत्तीसगढ़ को जोडऩे वाली मंडला होकर चिल्पीघाटी-कवर्धा रोड का निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहा है। बीते 2-3 साल से काम पूरा होने का नाम ही नहीं ले रहा है। लंबे अर्से से ठेकेदार व अधिकारी निर्माण कार्य जारी होने की बात कह रहे हैं। जानकारी के मुताबिक वन विभाग सडक़ निर्माण में रोड़ा अटका रहा है। इस मार्ग के बीजाडांडी के समीप सहित अन्य कई हिस्से बुरी तरह से जर्जर हो चुके हैं।

10 किमी में लग रहा एक घंटा
गड्ढों में तब्दील हो चुकी पुरानी व संकरी सडक़ से वाहनों को आवाजाही में खासी परेशानी उठानी पड़ती है। 10-15 किलोमीटर का सफर पूरा करने में एक घंटे से अधिक समय लग रहा है। यह सडक़ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच परिवहन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वन विभाग नैसर्गिक पर्यावरण व जंगली जानवरों की जान को खतरे का तर्क देकर रोड निर्माण में बाधक बना हुआ है। आग्रह किया गया कि जांच करवाने के बाद सडक़ निर्माण में हो रहे विलंब के लिए जिम्मेदारों को समुचित दंड दिया जाए। प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने अनावेदकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी।

 

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