मस्जिद निर्माण को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, इन्हें लगाई फटकार

मस्जिद निर्माण को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, इन्हें लगाई फटकार

Lalit kostha | Publish: Sep, 04 2018 12:46:19 PM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

मस्जिद निर्माण को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, इन्हें लगाई फटकार

जबलपुर. मप्र हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा, ‘पूजा, धार्मिक आस्था व पूजास्थलों के जीर्णोद्धार, पुनर्निर्माण के अधिकार से किसी संप्रदाय को वंचित नहीं किया जा सकता। भारत एक धर्मनिरपेक्ष है। इस नाते हर धर्म के साथ समानता व निष्पक्षता के साथ व्यवहार होना चाहिए।’ इसके साथ जस्टिस नंदिता दुबे की सिंगल बेंच ने सागर स्थित दाऊदी बोहरा मस्जिद कमेटी की याचिका मंजूर कर ली। इसमें मस्जिद के पुनर्निर्माण का स्वीकृत नक्शा निरस्त करने को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने बार-बार आदेश का पालन न करने के लिए नगर निगम पर दस हजार रुपए कॉस्ट भी लगाई।

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news facts- हाईकोर्ट: सागर नगर निगम पर लगाई दस हजार रुपए कॉस्ट
पूजा स्थलों के पुनर्निर्माण का है अधिकार, वंचित नहीं कर सकते
दाऊदी बोहरा मस्जिद के पुनर्निर्माण का रास्ता साफ

यह है मामला- दाऊदी बोहरा मस्जिद समिति सागर की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि यह मस्जिद 1861 से अस्तित्व में है। 1951 में इसे वक्फ की संपत्ति घोषित किया गया। अधिवक्ता शशांक शेखर, समरेश कटारे, महेंद्र चौबे ने 1861 का खसरा पेश करते हुए बताया कि यह जमीन तब से ही समिति के आधिपत्य में है। 2003 में समिति ने मस्जिद को गिराकर पुनर्निर्माण का फैसला लिया। 2003 में निगम ने नक्शा मंजूर क र दिया। 2005 में पुनरीक्षित नक्शा भी मंजूर किया गया। कलेक्टर ने 5 दिसम्बर 2005 को पुनर्निर्माण की अनुमति दे दी। पुरानी मस्जिद ढहा कर नवनिर्माण शुरू हुआ तो कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। नगर निगम ने भी आठ जुलाई 2006 को 2003 व 2005 में दिए नक्शों की स्वीकृति का आदेश निरस्त कर दिया। इस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई। हाईकोर्ट ने 2006, फिर 2011 में याचिकाकर्ता के आवेदन को निराकृत करने के निर्देश दिए।

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