नेशनल लॉ स्कूल बेंगलूरु की प्रवेश परीक्षा पर रोक लगाने से हाईकोर्ट का इनकार

कोर्ट ने याचिकाकर्ता को बेंगलूरु हाइकोर्ट कर्नाटक के समक्ष याचिका दायर करने की छूट दी

 

By: prashant gadgil

Published: 11 Sep 2020, 06:36 PM IST

जबलपुर. मध्यप्रदेश हाइकोर्ट ने रविवार को होने वाली नेशनल लॉ स्कूल बेंगलूरु की राष्ट्रीय स्तर की केंद्रीय प्रवेश परीक्षा पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। जस्टिस संजय यादव और जस्टिस बीके श्रीवास्तव की युगल पीठ ने याचिका वापस लेने का आग्रह स्वीकार कर इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को बेंगलूरु हाइकोर्ट कर्नाटक के समक्ष याचिका दायर करने की छूट दी। एनएलएस बेंगलूरु की ओर से आयोजित कराई जा रही अपनी अलग प्रवेश परीक्षा को चुनौती देते हुए छात्रों ने याचिका दायर कर कहा कि एनएलएस बेंगलूरु क्लैट एसोसिएशन का एक अभिन्न अंग है। क्लैट एसोसिएशन के नियम अनुसार एनएलएस प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं करा सकता। याचिकाकर्ता छात्रों की ओर से अधिवक्ता सौमित रायजादा ने तर्क दिया कि देशभर के 25 राष्ट्रीय लॉ इंस्टीट्यूट क्लेट परीक्षा के नियम निर्धारित करते हैं। हर वर्ष इनमें प्रवेश के लिए क्लैट परीक्षा का आयोजन कराया जाता है। जो इस वर्ष भी 28 सितंबर 2020 को नियत है। अलग-अलग प्रवेश परीक्षाओं से छात्रों को अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। एनएलएस बेंगलूरु की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सजन पूवय्या व अधिवक्ता सिद्धार्थ राधेलाल गुप्ता ने आपत्ति दर्ज कराई कि याचिका मध्यप्रदेश हाइकोर्ट जबलपुर के समक्ष प्रचलनशील नहीं है । याचिकाकर्ता को कर्नाटक उच्च न्यायालय, बेंगलूरु में याचिका दाखिल करनी चाहिए। आपत्ति पर विचार के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को याचिका वापस लेने की छूट देते हुए खारिज कर दी।

prashant gadgil Desk
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