हाईकोर्ट ने कहा, इंदौर में ऑटो ड्राइवर से मारपीट के मामले में पुलिस कर्मियों के खिलाफ करो कार्रवाई

हाईकोर्ट ने कहा, लॉकडाउन तोडऩे, मास्क न पहनने वालों के साथ पुलिस न करे मारपीट

By: govind thakre

Updated: 25 May 2021, 07:05 PM IST

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी में कहा कि मास्क न पहनने और लॉकडाउन का उल्लघंन करने वालों के साथ पुलिस मारपीट न करे। चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक व जस्टिस अतुल श्रीधरन की डिवीजन बैंच ने इंदौर एसपी को कहा कि परदेशीपुरा में हुई ऑटो चालक के साथ मारपीट की घटना में दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इंदौर के विधि छात्र ओशीन शर्मा व अन्य की ओर से जनहित याचिका दायर की गई। कहा गया कि 7 अप्रेल 2021 को इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में दो पुलिस कर्मियों ने मॉस्क न पहनने पर एक ऑटो चालक के साथ बेरहमी से मारपीट की। आरक्षक महेश प्रजापति और गोपाल जाट ने ऑटो चालक को जमीन पर पटककर ल लात-जूतों से उसे मारा। ऑटो चालक का बेटा पुलिस कर्मियों से रहम की गुहार लगाता रहा, लेकिन उसके नहीं छोड़ा गया। 8 अप्रेल 2021 को मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद दोनों पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया। लेकिन पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर नहीं की गई । याचिका में 10 मई को छिंदवाड़ा के ग्राम पिपलानारायणवार में एक व्यक्ति के साथ पुलिस द्वारा बेरहमी से मारपीट व इंदौर के पलासिया थाने में एक एएसआई द्वारा महिलाओं और पुरूषों के साथ की गई मारपीट का भी उल्लेख किया गया। उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने कोर्ट को बताया कहा कि ऑटो चालक के साथ मारपीट करने वाले पुलिस कर्मियों को निलंबित कर उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई का आरोप-पत्र दिया गया है। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने इंदौर एसपी को निर्देश दिया है कि ऑटो चालक के साथ मारपीट करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।इस निर्देश के साथ कोर्ट ने याचिका का निराकरण कर दिया।

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govind thakre Editorial Incharge
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