जिला अदालतों में सुनवाई के लिए लागू होगा यह मॉडल

हाइकोर्ट ने दिया जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को निर्देश

By: reetesh pyasi

Published: 05 May 2020, 08:27 PM IST

जबलपुर। सूबे की सभी जिला अदालतों में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के जरिए केवल अर्जेंट मामलों की ही सुनवाई हो रही है। इस दौरान अदालतों में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जा रहा है। लेकिन भोपाल जिला अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई के लिए की गई बेहतरीन व्यवस्था की मप्र हाइकोर्ट ने भी तारीफ की है। सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यहां भी भोपाल मॉडल को लागू करें।

सूची से मिलान के बाद ही प्रवेश
भोपाल मॉडल व्यवस्था के मुताबिक ई मेल आईडी पर अधिवक्ता की ओर से मामले की जानकारी मिलते ही सिस्टम अफसर सम्बंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष अग्रेषित करेगा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की ओर से मामले की समीक्षा के बाद एक निर्धारित प्रोफार्मा में सम्बंधित वकील या पक्षकार को सुनवाई के सम्बंध में सूचना दी जाएगी। इस तरह प्रति दिन वीसी से सुनवाई के लिए नियत मामलों व उनमे वीसी से भाग लेने वाले सम्बंधित पक्षकारों अथवा वकीलों की सूची बनाई जाएगी। यह सूची अदालत के मुख्य प्रवेश द्वार पर सुरक्षाकर्मियों के पास मौजूद रहेगी। इस सूची से मिलान कर ही पक्षकार या वकील को परिसर में प्रवेश की इजाजत दी जाएगी।

गेट पर ही सेनेटाइजेशन
पक्षकारों, व्यक्तियों, वकीलों, कर्मियों, न्यायाधीशों को अदालत परिसर में घुसने से पहले ही हाथों को सेनेटाइज करना या साबुन से धोना आवश्यक होगा। यहां थर्मल स्कैनर से आगंतुक की जांच भी की जाएगी। प्राथमिक जांच से सन्तुष्ट होने पर ही अंदर जाने दिया जाएगा। गेट पर इसकी व्यवस्था की जाएगी। परिसर में बिना मास्क लगाए प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। वीसी के लिए निर्धारित पॉइंट्स के अलावा पक्षकारों, वकीलों को अन्य किसी कक्ष में प्रवेश की मनाही होगी।

भोपाल जिला अदालत की वीसी से सुनवाई की कार्यप्रणाली बेहतरीन व अनुकरणीय है। सभी जिला अदालतों को इसे अपनाने को कहा गया है।
आरके वानी, रजिस्ट्रार जनरल मप्र हाइकोर्ट

reetesh pyasi Desk
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