छुट्टियों ने मरीजों की बढ़ाई मुश्किलें, अटकी जांच रिपोर्ट

छुट्टियों ने मरीजों की बढ़ाई मुश्किलें, अटकी जांच रिपोर्ट

Premshankar Tiwari | Publish: Sep, 04 2018 07:25:10 PM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

डेंगू, चिकनगुनिया का संक्रमण बढऩे के साथ व्यवस्था लडख़ड़ा गई है

जबलपुर। शहर में डेंगू, चिकनगुनिया का संक्रमण बढऩे के साथ ही संदिग्धों की जांच की सरकारी व्यवस्था लड़खड़ा गई है। इन बीमारियों के संदिग्ध मरीजों के खून के नमूनों की जांच का जिम्मा आइसीएमआर पर है। रविवार को अवकाश के चलते आइसीएमआर की लैब बंद थी। स्वास्थ्य विभाग के पास डेंगू, चिकनगुनिया की जांच के लिए वैकल्पिक लैब का इंतजाम नहीं होने से करीब 50 रिपोर्ट लंबित हो गईं हैं। जिला और मेडिकल अस्पताल में रविवार और सोमवार को अवकाश के कारण ओपीडी बंद रही। लेकिन डेंगू, चिकनगुनिया जैसे लक्षणों के साथ ही वायरल बुखार के मरीजों का जांच के लिए आने का सिलसिला जारी रहा। कैजुअल्टी में मरीजों की जांच हुई। बुखार से पीडि़त गंभीर कुछ मरीजों को लेकर परिजन उपचार के लिए भटके।


महिला की मौत के बाद आक्रोश
मोतीनाला क्षेत्र में श्याम सिंह के धड़ा निवासी चिकनगुनिया पीडि़त ४२ वर्षीय नसीमा कुरैशी की रविवार को मौत के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। युवक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव इमरान मंसूरी के अनुसार महिला को करीब 10 दिन पहले हाथ-पैर में तेज दर्द के साथ बुखार आया था। करीब ८ दिन शहर के निजी अस्पताल में उपचार हुआ। स्थिति में सुधार नहीं होने पर नागपुर ले जाया गया, जहां रविवार सुबह उनकी मौत हो गई। आरोप है कि क्षेत्र में डेंगू, चिकनगुनिया फैलने की लगातार शिकायत की जा रही है। लेकिन बीमारी की रोकथाम के लिए प्रशासन कार्रवाई में ढिलाई बरत रहा है। संक्रमण का शिकार होकर लोगों की मौत हो रही है।


तीन और मौतें भी संदिग्ध मरीजों की
हनुमानताल क्षेत्र में चांदनी चौक निवासी एक वृद्ध की पिछले बुखार आने के बाद मौत हुई थी। ठक्करग्राम निवासी एक बुखार पीडि़त किशोर की भी कुछ दिन पहले मौत हुई। स्थानीय लोगों आरोप है कि दोनों को पहले तेज बुखार आया था। उसके बाद कमजोरी आयी और फिर मौत हो गई। मौत की वजह डेंगू, चिकनगुनिया का अटैक बताया जा रहा है। तीन दिन पहले मदनमहल क्षेत्र में बढ़ई मोहल्ला में भी एक बालक को उल्टी-दस्त के बाद तेज बुखार की शिकायत हुई। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बालक को डेंगू हुआ था, सही उपचार नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई। सीएमएचओ डॉ. मुरली अग्रवाल का दावा है कि चिकनगुनिया, डेंगू बुखार की स्थिति नियंत्रण में है।

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