इस शहर में अचानक हो गया सांस लेना मुश्किल, दो हजार लोग पहुंचे अस्पताल

इस शहर में अचानक हो गया सांस लेना मुश्किल, दो हजार लोग पहुंचे अस्पताल

By: Lalit kostha

Published: 18 Dec 2018, 11:25 AM IST

जबलपुर। ठंड का बढ़ता असर अब लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच कई लोगों को श्वास संबंधी समस्या बढ़ गई है। सांस लेने में परेशानी की शिकायत लेकर कई मरीज अस्पतालों में जांच के लिए पहुंच रहे हैं। छह दिन में शहर के विभिन्न अस्पतालों में करीब दो हजार से अधिक मरीज श्वास संबंधी बीमारी से पीडि़त मिले है। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में भी सर्दी के कारण बीमारी से पीडि़त मरीजों की संख्या में करीब 30 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। इसमें बच्चे और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। दमा रोगियों का मर्ज भी बढ़ गया है। सर्दी के बढ़ते असर की संभावना के चलते चिकित्सक मौसमी बीमारी से बचाव के लिए ठंड से बचने की नसीहत दे रहे हैं।

news facts- सर्द मौसम ने बढ़ाई तकलीफ
बढ़ी श्वास सम्बंधी समस्या
6 दिन में पहुंचे दो हजार से ज्यादा पीडि़त

निमोनिया के मरीज बढ़े- सर्दियों के असर दिखाने के साथ ही निमोनिया के संक्रमण का फैलना शुरू हो गया है। सर्द हवा के मौजूद बैक्टीरिया और वायरस सांस लेने पर लोगों के फेफड़े तक पहुंच रहे हैं। सांस लेने में परेशानी, फेफड़े में सूजन, उसमें पानी भरने और बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे मरीज जांच में निमोनिया से पीडि़त मिल रहे हैं। इमसें बच्चों की संख्या अधिक है। चिकित्सकों के कारण मौसम बदलने से इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों में निमोनिया होने का खतरा अधिक रहता है।

ये है स्थिति:
05 सौ के करीब मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में
04 सौ के लगभग मरीज विक्टोरिया अस्पताल में।
01 हजार से ज्यादा मरीज निजी अस्पताल की ओपीडी में।
(नोट: एक सप्ताह में सांस सम्बंधी परेशानी, निमोनिया से पीडि़त मरीजों की संख्या।)

निमोनिया के लक्षण
सर्दी, कफ, तेज बुखार
सिर, शरीर में दर्द
थकान और कमजोरी।
सांस तेज लेना।
उल्टी, छाती या पेट के निचले हिस्से में दर्द।
छोटे बच्चों में सुस्ती, दूध पीने में परेशानी।
बुजुर्गों में मतिभ्रम होना।

ऐसे करें बचाव
पौष्टिक आहार का सेवन।
पर्याप्त धूप सेंकना।
बच्चों को वैक्सीन लगवाएं।
पानी पर्याप्त मात्रा में पीएं।
शरीर को अच्छी तरह से ढंक कर रखें।
सिर और पैर को अच्छे से कवर रखें।

सर्दी बढऩे के साथ ही सांस लेने में परेशानी की शिकायत लेकर कई मरीज आ रहे है। निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। डायबिटीज, हार्ट सहित किसी बीमारी से पीडि़त व्यक्ति को ठंड नुकसान पहुंचा सकती है। बीमारी से बचने के लिए बच्चों और बुजुर्गों को भी ठंड से बचना चाहिए।
डॉ. जितेंद्र भार्गव, डायरेक्टर, स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन

Lalit kostha Desk
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