सर्दी के सितम ने बढ़ाया खतरा... ये घरेलू उपाय करें, छू भी नहीं पाएंगे रोग और विंटर डायरिया

सर्दी के सितम ने बढ़ाया खतरा... ये घरेलू उपाय करें, छू भी नहीं पाएंगे रोग और विंटर डायरिया
सर्दी की बीमारियों से बचाने वाले घरेलू उपाय

Prem Shankar Tiwari | Updated: 29 Dec 2018, 12:36:49 PM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

सर्दी की बीमारियों से बचाने वाले घरेलू उपाय

जबलपुर। शीतलहर के कारण बढ़ी ठिठुरन व सर्दी का असर बुजुर्गों और बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। इससे अस्पतालों के शिशु रोग विभाग में आने वाले बीमार बच्चों की संख्या बढऩे लगी है। इसमें ज्यादातर बच्चे विंटर डायरिया व उल्टी-दस्त से पीडि़त हैं। अस्पतालों में बच्चों का उपचार जारी है, लेकिन कुछ घरेलू उपाय भी हैं, जिनसे विंटर डायरिया व सर्दी के रोगों से बचाव किया जा सकता है।

पेट दर्द है तो अलर्ट हो जाएं
चिकित्सकों के अनुसार बीते कुछ दिन से ठंड काफी बढ़ गई है। मौसम के अनुरुप ढलने में छोटे बच्चों को कुछ समय लगता है। ऐसे में तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच उनके बीमार होने की आशंका रहती है। ठंडी हवा के संपर्क में आने पर बच्चों की सेहत को नुकसान हो सकता है। इन दिनों यदि बच्चे पेट में दर्द की शिकायत कर रहा है तो उसकी अनदेखी नहीं करना चाहिए। ठंड लगने के कारण उसे पेट में दर्द हो सकता है। ठंड के कारण उल्टी-दस्त भी होता है। कम समय में उल्टी और दस्त अधिक बार होने से सेहत को गंभीर को नुकसान हो सकता है।

हर दिन बढ़ रहे मरीज
कड़ाके की ठंड पडऩे के साथ ही शहर के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में जांच के लिए आ रहे बच्चे वायरल डायरिया से पीडि़त मिल रहे हैं। इसके मरीज सर्दी बढऩे के साथ ही बढऩे लगे हैं। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में बीते तीन-चार दिन से हर दिन 10 से ज्यादा ऐसे बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे है। अलग-अलग अस्पतालों में एक दिन में औसतन पचास से ज्यादा बच्चे उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायत लेकर जांच कराने आ रहे हैं।

बढ़ रहे ये रोग
- सर्दी, खांसी
- पेट में दर्द
- उल्टी-दस्त
- हल्का बुखार

इसका रखें ध्यान
- सर्द हवा चल रही है इससे बच्चों को बचाएं।
- बच्चों के खानपान में ध्यान रखें।
- खेलने-कूदने के दौरान ठंड से बचाव के उपाय करें।
- बच्चा अस्वस्थ्य लगे तो उसे तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
- दवा दुकान या अपने मन से कोई दवा लाकर न खिलाएं।

ये हैं घरेलू व आसान उपाय
आयुर्वेदाचार्य पं. अरुण शुक्ल के अनुसार सर्दी का सीजन वैसे तो हैल्दी सीजन माना जाता है, लेकिन शीतलहर में आंख, कान, नाक व पैरों के नाखूनों से प्रवेश करने वाली सर्दी विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को नुकसान पहुंचा देती है। बच्चे विंटर डायरिया, सर्दी तो बुजुर्ग भी सर्दी, जोड़ों के दर्द और हृदय रोग आदि से पीडि़त हो जाते हैं। सर्दी में नियमित रूप से निम्न उपाय किए जाएं तो नुकसान से बचा जा सकता है -

- भुनी हुई हल्दी को घी के साथ नियमित रूप से बच्चों को खिलाएं
- चावल का उपयोग कम करें। यदि करते हैं तो हल्दी के साथ इसका सेवन करें तो बेहतर रहेगा।
- रात में सोते समय गुड, सोंठ व हल्दी वाला दूध पिएं।
- बच्चों को घी व गुड़ के साथ हल्दी व सोंठ का सेवन कराएं।
- भुनी हुई अजवाइन को काले नमक के साथ दो-तीन बार खाएं और खिलाएं।
- संभव हो तो सुबह और रात में आग, अलाव व हीटर से हाथ पैरों की सिकाई अवश्य करें।

बच्चों को सर्दी से बचाएं
दो-तीन दिन से बुखार और उल्टी-दस्त से पीडि़त बच्चे आना शुरू हुए है। इस सीजन में वायरल डायरिया होता है। उल्टी-दस्त होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। बच्चों को ठंड से बचाना चाहिए।
डॉ. मंजू अग्रवाल, शिशु रोग विशेषज्ञ

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