कोरोना का कहर: निजी अस्पतालों में बेड नहीं, इंजेक्शन के लिए भी मारामारी

कोरोना का कहर: निजी अस्पतालों में बेड नहीं, इंजेक्शन के लिए भी मारामारी

By: Lalit kostha

Published: 13 Apr 2021, 01:27 PM IST

जबलपुर। शहर में कोरोना मरीजों की संख्या सोमवार को पांच सौ पार होने के साथ ही स्वस्थ्य व्यवस्थाएं लडखड़़ा गई हैं। नए कोरोना मरीज मिलने की गति हर दिन बढऩे से निजी अस्पताल के कोविड आइसोलेशन वार्ड फुल हो गए हैं। कोविड के लिए चिन्हित कई निजी अस्पतालों ने सोमवार को नो रूम के बोर्ड टंगा दिए है। भटकने के बाद मरीज सरकारी अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं। इससे मेडिकल अस्पताल से लेकर जिला अस्पताल तक कोविड आइसोलेशन वार्डों में मरीज बढ़ गए हैं। लगातार मरीज बढऩे के साथ अस्पतालों में अव्यवस्थाएं बढऩे लगी है। ऑक्सीजन बेड की कमी होने लगी है। भर्ती करने के बाद स्टाफ की मनमानी मरीजों की पीड़ा और बढ़ा रही है।

गम्भीर मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे अस्पताल
सूत्रों के अनुसार निजी अस्पतालों ने मरीजों को भर्ती करने के लिए भी अपनी नीति बना ली है। निजी अस्पताल केवल उन मरीजों को ही भर्ती कर रहे हैं, जिनमें रिस्क कम है। कम उम्र व 90 से उपर ऑक्सीजन वाले मरीजों को निजी अस्पताल में बिस्तर मिल जा रहे हैं। जिन मरीजों की ऑक्सीजन 90 से कम है व उम्र ज्यादा है, उन्हें पोर्टल पर बिस्तर संख्या दर्ज होने के बाद भी अस्पतालों में बिस्तर नहीं मिल रहे। कोरोना के गम्भीर मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत अभी भी है। जरूरतमंद तक इंजेक्शन पहुंचने के प्रशासन के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने मरीज की जरूरत पर सम्बंधित अस्पताल को इंजेक्शन देने की व्यवस्था की है। इसमें अब निजी अस्पतालों में गड़बड़ी की शिकायत आ रही है।

 

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ऑक्सीजन की मांग ज्यादा हुई
कोरोना के मरीज लगातार बढऩे के साथ अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग चार गुना से ज्यादा हो गई है। अस्पताल में भर्ती हो रहे ज्यादातर बुजुर्ग मरीजों को ऑक्सीजन की जरुरत पड़ रही है। देर से पहुंचने के कारण कम उम्र के मरीजों का ऑक्सीजन स्तर भी कम मिल रहा है। बड़े से लेकर छोटे अस्पताल तक में ऑक्सीजन के पिछले महीने तक हो रही सिलेंडर की खपत चार गुना तक बढ़ गई है। होम आइसोलेशन में भी कई मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। इससे ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए मारामारी बढ़ गई है।

30 संक्रमित का अंतिम संस्कार
सोमवार को चौहानी मुक्तिधान में 30 कोरोना संक्रमित शव का अंतिम संस्कार किया गया। कोरोना संक्रमित की मौत का आंकड़ा बढऩे के साथ ही अब श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए जगह कम पडऩे लगी है। सोमवार को शव की अंत्येष्टि के लिए जगह खाली होने की प्रतीक्षा करनी पड़ी। शव की संख्या ज्यादा होने के कारण कुछ कोरोना संक्रमित/संदिग्ध के शव अंतिम संस्कार की प्रतीक्षा में अस्पतालों की मर्चुरी में है।

ऑक्सीजन और इंजेक्शन की खपत पर नियंत्रण की कवायद
कोरोना के बढ़ते संक्रमण और संसाधनों की किल्लत के बीच ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की खपत को नियंत्रित करने के प्रयास प्रशासन ने शुरूकर दिए हैं। प्रशासन के अनुसार 92 से 95 ऑक्सीजन लेवल वाले संक्रमित को पांच लीटर प्रति मिनट और 90 से कम ऑक्सीजन लेवल वाले मरीज को सात लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन देना है। वेंटीलेटर पर 10-15 लीटर प्रतिमिनट ऑक्सीजन दी जाएं। 9 बाय 25 से ज्यादा सीटी स्कोर वाले मरीजों को आयु एवं कॉमार्बिटी का ध्यान रखते हुए रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाना है।

Lalit kostha Desk
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