merciless mother: रेलवे ट्रैक पर पड़ा था ढाई साल का मासूम, देखकर कांप गया कलेजा

merciless mother: रेलवे ट्रैक पर पड़ा था ढाई साल का मासूम, देखकर कांप गया कलेजा

Premshankar Tiwari | Publish: Nov, 14 2017 05:39:17 PM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

मुड़वारा रेलवे स्टेशन के समीप की घटना, दुधमुंहे बच्चे को रेल की पटरियों पर छोड़ गई निर्दयी मां

जबलपुर/कटनी। उसे जिंदगी और मौत का अर्थ और फर्क भी नहीं मालूम...। वह तो रेलवे ट्रैक पर बेफ्रिक होकर लेटा था, लेकिन उस पर जिसकी भी नजर पड़ी उसका कलेजा कौंध गया। मुंह से चीख निकल गई। सोमवार का यह दृश्य है कटनी के मुड़वारा रेलवे स्टेशन के समीप का...। यहां एक मासूम रेलवे ट्रैक के बीच मिला। थोड़ी सी भी चूक या देर हो जाती तो मासूम की जान चली जाती। भला हो पॉलीथिन बीनने वाले बच्चों का, जो उसकी तरफ दौड़े और उसे उठाकर पटरियों के किनारे ले आए। बाद में बालक को पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने बच्चे को चाइल्ड लाइन की टीम को सौंप दिया है। घटना के बारे में जिसने भी सुना, वह निर्दयी और बेरहम मां को कोसता हुआ नजर आया।

ट्रैक पर लेटाकर भागी मां
चाइल्ड लाइन जिला समन्वयक अंजना चतुर्वेदी के अनुसार जांच में पता चला है कि सुबह करीब 10 बजे मुड़वारा रेलवे स्टेशन पर एक महिला करीब ढाई वर्षीय बच्चे को लेकर पहुंची थी। पहले वह प्लेटफार्म पर यहां वहां घूमने लगी। इसके बाद ट्रैक पार करने के लिए नीचे उतरी। आधे दूर पहुंचकर उसने बच्चे को ट्रैक पर बैठा दिया और खुद प्लेटफार्म पर चढ़कर भागने लगी। बच्चा रोते-रोते ट्रैक पर लेट गया।

नहीं मिली महिला
महिला की यह हरकत देखकर वहीं कचरा व पन्नी आदि बीनने वाले बच्चों ने उसे आवाज दी, लेकिन महिला नहीं रुकी। वह दौड़ते हुए स्टेशन से बाहर चली गई। कुछ लोग उसे पकडऩे के लिए पीछे दौड़े भी, लेकिन वह नहीं मिली। संभवत: वह कहीं जाकर छिप गई। उसका इरादा ठीक नहीं लग रहा था।

स्टेशन पर हुई पुकार
महिला को भागते देखकर कचरा बीनने वाले बच्चों ने सबसे पहले बच्चे को गोद में उठाया। उसे प्लेटफार्म पर लेकर आए। रेलवे के कर्मचारी भी एकत्रित हो गए। बाद में बच्चे को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस वापस बच्चे को लेकर स्टेशन पहुंची। कर्मचारी स्टेशन पर अनाउंस करके बच्चे की मां को बुलाते रहे, लेकिन वह नहीं आई। पुलिस ने बाहर जाकर भी खोजबीन की लेकिन महिला का पता नहीं चला। बाद में बच्चे को चाइल्ड लाइन के दल का सौंप दिया गया।

निर्दयी मां के चर्चे
उसने नौ महीने तक उसे कोख में पाला। ढाई साल तक उसकी परवरिश की, लेकिन ऐसा क्या हुआ कि वह अपने कलेजे के टुकड़े को मौत के मुंह में डालकर भाग निकली? इस सवाल की चर्चा दिन भर क्षेत्र में रही। किसी ने मां की किसी मजबूरी का जिक्र किया, तो किसी ने उसकी निदर्यता को जमकर कोसा। लोगों का कहना था कि कोई मां बिना किसी मजबूरी के इतना खौफनाक कदम नहीं उठा सकती? पुलिस द्वारा हुलिए के आधार पर महिला की तलाश की जा रही है। महिला के मिलने के बाद ही पता चल सकेगा कि अपने कलेजे के टुकड़े को मौत की मुंह में डालने जैसा निर्मम कृत्य उसने क्यों किया? फिलहाल बालक चाइल्ड लाइन के संरक्षण में है।

 

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