डेंगू का कहर, अस्पताल मरीजों से भरे, जमीन पर इलाज कराने की मजबूरी

सोमवार को 11 नए मरीज मिले, पीडि़त बच्चों को भी जगह नहीं होने की बात कहकर लौटा रहे

By: Lalit kostha

Published: 14 Sep 2021, 03:37 PM IST

जबलपुर। शहर में इन दिनों डेंगू का कहर सामने आ रहा है। डेंगू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार को डेंगू के 11 नए मामले सामने आए हैं। डेंगू और वायरल बुखार के बढ़ते मरीजों के कारण अस्पतालों के बेड फुल हो गए हैं। शासकीय अस्पतालों से लेकर निजी अस्पताल में डेंगू मरीजों को आसानी से बेड उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। शहर में डेंगू के करीब 500 मरीज बताए जा रहे हैं। मालूम हो कि हाल ही में डेंगू से पीडि़त एक महिला आरक्षक की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से गम्भीरता नहीं दिखाई जा रही।

आठ विक्टोरिया में आए
जानकारों के अनुसार सोमवार को आठ नए मरीज विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती हुए हैं। वहीं 3 मरीज मेडिकल अस्पताल में डेंगू के पहुंचे हैं। 80 से अधिक मरीज सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं। इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों में बड़ी संख्या में डेंगू के मरीज भर्ती हैं।

बच्चों को रखें सुरक्षित
डेंगू के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मलेरिया विभाग की टीम संक्रमित क्षेत्रों का दौरा कर रही है। मलेरिया अधिकारी डॉ. राकेश पहारिया ने कहा कि लगातार लोगों को सचेत किया जा रहा है कि बदलते मौसम में बड़ों के साथ ही विशेष तौर पर छोटे बच्चों की सेहत को लेकर विशेष नजर रखें। घरों में पानी को जमा नहीं होने दें।

 

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डेंगू की रोकथाम के लिए सर्वे
डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए सोमवार को चिकनी कुआं, जैन मोहल्ला गढ़ा, त्रिमूर्ति नगर राम मंदिर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीम ने घरों में सर्वे किया। इस दौराना लार्वा विनष्टिकरण के लिए पानी की टंकी, बर्तन व कूलर की जांच की। इस दौरान दवाओं का छिडक़ाव किया गया। इंडोर व आउटडोर फ ॉगिंग भी की गई। इस टीम में स्वास्थ्य विभाग के मीडिया अधिकारी अजय कुरील, मदन विश्वकर्मा, योगेश कपूर एवं वीआर शर्मा, नगर निगम के स्वास्थ्य निरीक्षक चंद्रमोहन शामिल थे।

डेंगू से मरीजों की मौत पर मिले मुआवजा
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर डेंगू मरीजों की मौत पर परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग की गई। याचिका में कहा गया कि जो लोग डेंगू के नियंत्रण नियमों का पालन नहीं करते हैं, उनसे मुआवजा वसूल कर दंडित किया जाए। इसके साथ ही डेंगू नियंत्रण से जुड़े मेडिकल, पैरामेडिकल, सफाई और अन्य कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक लगाई जाए। याचिका में पत्रिका में प्रकाशित समाचारों को आधार बनाया गया। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे व रजत भार्गव की ओर से याचिका दायर की गई। कहा गया कि मप्र और विशेषकर जबलपुर में डेंगू ने विकराल रूप धारण कर लिया है।

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Lalit kostha Desk
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