कागजों में प्रतिबंध, यहां चौबीस घंटे नोच रहे नर्मदा का आंचल

कागजों में प्रतिबंध, यहां चौबीस घंटे नोच रहे नर्मदा का आंचल

By: Lalit kostha

Updated: 21 Aug 2021, 08:52 AM IST

जबलपुर। प्रतिबंधित अवधि के बीच नर्मदा नदी से खुलेआम रेत निकाली जा रही है। बेलखेड़ा के पास कूड़ाकलां गांव में हजारों घनमीटर रेत निकाली जा चुकी है। इसकी शिकायत ग्रामवासी कलेक्टर, एसपी और खनिज अधिकारी से कर चुके हैं, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। दिन-रात निकल रहे टै्रक्टर से गांव की सडक़ें बदहाल हो गई हैं।

प्रतिबंध का आदेश बेअसर: ग्राम कूड़ाकलां से 24 घंटे निकलती हैं टै्रक्टर ट्रॉली
ठेंगे पर नियम-कायदे, नर्मदा से निकाल रहे रेत, सडक़ का भी कबाड़ा
वर्तमान में सेंट्रल जीएसटी की रेत ठेकेदार आराध्य लॉजिस्टिक पर कार्रवाई चल रही है। इस बीच रेत की चोरी में भी मिलीभगत हो सकती है। कूड़ाकलां में 24 घंटे टै्रक्टर नदी में रहते हैं। लेबर नदी से रेत निकालकर इन्हें भरते हैं। फिर इस रेत का भंडारण गांव में किया जाता है। पुराने मंदिरों के पास अवैध खननकर्ता ने रेत के पहाड़ बना दिए हैं। यहां हाइवा और डम्पर से रेत भेजी जाती है।

एक अक्टूबर तक प्रतिबंध: जिले में मानसून सत्र की अवधि में रेत की खदानों में खनन कार्य पूर्णत: प्रतिबंधित किया गया है। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने 30 जून को आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया कि मानसून सत्र की अवधि में 30 जून से एक अक्टूबर तक रेत का खनन नहीं किया जा सकेगा। यह जिले की सभी वैध खदानों के लिए जारी किया गया था। सूत्रों ने बताया जिस खदान में अवैध खनन किया जा रहा है, उसकी अभी ठेकेदार को एनओसी भी नहीं मिली है। इसके बाद भी यहां पर धड़ल्ले से रेत निकाली जा रही है। यह खदान लम्बे समय से बंद है। वर्तमान ठेकेदार से पहले जिस फर्म को इसका ठेका मिला था, उस समय भी कुछ दिन तक ही इसमें खनन किया गया था।
एम्बुलेंस का आना मुश्किल: शहपुरा तहसील के अंतर्गत कूड़ाकलां गांव के रहवासी इसकी शिकायत कई बार अधिकारियों से कर चुके हैं। सरपंच और पंचों ने भी इसकी शिकायत प्रशासन से की है। उनका कहना है कि असामाजिक तत्व दिनरात रेत का अवैध उत्खनन कर रहे हैं। डम्पर और हाइवा की वजह से गांव की सडक़ें खस्ताहाल हो गई हैं। ग्राम से एनएच-12 पहुंच मार्ग जर्जर हो गया है। उस पर हाइवा जैसे भारी वाहन दौड़ रहे हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति बीमार हो जाए, तो एम्बूलेंस तक का पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

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