विवेचना में हो रही लेटलतीफी, करप्शन के केस फाइलों में कैद

By: reetesh pyasi

Published: 09 Dec 2017, 01:48 AM IST

Jabalpur, Madhya Pradesh, India

World Anti Corruption Day

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World Anti Corruption Day

जबलपुर। भ्रष्टाचार से जुड़े मामले उजागर करने और दोषियों को पकडऩे में जहां आर्थिक अपराध से जुड़ी एजेंसियां आगे हैं। वहीं दोषियों को सजा दिलाने में ये फिसड्डी साबित हो रही हैं। कभी साक्ष्य का अभाव तो कभी विवेचना में लापरवाही आरोपितों को फायदा पहुंचाने में मददगार बन रही हैं। वहीं तमाम एेसे मामले हैं, जिनकी फाइलों में जांच के नाम पर धूल जम चुकी है। विश्व भ्रष्टाचार निवारण दिवस पर जब विभिन्न एजेंसियों के आंकड़ों को खंगाला तो ये तथ्य सामने आए। जानकारी के अनुसार जबलपुर लोकायुक्त संगठन ने एक जनवरी से अब तक कुल 42 मामलों में कार्रवाई की है। इसमें ट्रैप के 37, आय से अधिक के दो और पद दुरुपयोग के तीन मामले शामिल हैं। अब तक 19 प्रकरणों में सजा सुनाई गई। अभी तक 39 प्रकरणों में शासन से स्वीकृति नहीं मिली है। कमजोर विवेचना और साक्ष्य की कमी के चलते चार आरोपित कोर्ट से बरी होने में सफल रहे।

इस साल दर्ज चर्चित केस
1 सितम्बर 2017 लोकायुक्त ने 15 हजार की रिश्वत लेते घंटाघर स्थित संभागीय उपायुक्त कार्यालय वाणिज्यिक कर विभाग में सर्किल क्रमांक एक के बड़े बाबू रमाशंकर तिवारी को दबोचा। उसने गढ़ा निवासी गोपालकृष्ण तिवारी के बारात घर का लग्जरी टैक्स निर्धारण के नाम पर रिश्वत मांगा था।
23 सितम्बर 2017 को नगर निगम के लालमाटी जोन दफ्तर में टैक्स लिपिक अजमेर सिंह टेकाम को दो हजार की रिश्वत लेते दबोचा।
6 जून 2017 शिवनगर कॉलोनी में सात हजार की रिश्वत लेते पटवारी अशोक महोबिया को दबोचा। उसने पनागर के ढीगरा निवासी किसान अशोक महोबिया से कृषि भूमि के सीमांकन के एवज में रिश्वत मांगे थे।

सीबीआई - सीबीआई ने एक जनवरी से अब तक चार मामले दर्ज किए हैं। इसमें नोटबंदी को लेकर जबलपुर स्थित एसबीआई के अधिकारियों के खिलाफ मामला शामिल हैं। वहीं अभी हाल ही में एनटीपीसी में हुए आठ करोड़ के सरिया घोटाला भी शामिल है। जबकि ट्रैप का एक मामला उसने टीकमगढ़ में पकड़ा है।
केस
25 नवम्बर को- सीबीआई जबलपुर की टीम ने गाडरवारा स्थित एनटीपीसी में आठ करोड़ के सरिया घोटाले का मामला दर्ज किया। 4 दिसम्बर को गाडरवारा, भोपाल और अलीगढ़ में आरोपितों के घर, कार्यालयों में दबिश देकर कई अहम दस्तावेज जब्त किए।
नौ अप्रैल 2017- को सीबीआई दिल्ली के निर्देश पर बैंकों से 1300 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में जबलपुर की जगम्बा एएमडब्ल्यू ऑटोमेटिव लि. के पुष्पेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह, प्रतिमा सिंह पर जाली दस्तावेजों के जरिए केनरा बैंक से 43.77 करोड़ ठगी का मामला दर्ज किया।
24 अप्रैल 2017- को सीबीआई ने 8 नवम्बर से से 31 दिसम्बर 2016 के बीच एसबीआई के जवाहरगंज ब्रांच में असिस्टेंट मैनेजर अमर सिंह मेहरा और अकील अहमद द्वारा 1.51 करोड़ के पुराने नोट बदलने का मामला दर्ज किया।

एसटीएफ- एसटीएफ की टीम ने इस साल आठ मामले पंजीकृत किए हैं। जिसमें सबसे चर्चित मामला आम्र्स का है। 127 फर्जी आम्र्स लाइसेंस मामले में बड़ा रैकेट का भंडाफोड़ एसटीएफ ने किया है। इसके अलावा आर्थिक अनियमितता के भी कई मामले उजागर किए।

ईओडब्ल्यू- आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने इस साल 15 केस रजिस्टर्ड किए हैं। इसमें शासकीय कर्मी द्वारा पद के दुरुपयोग कर धन अर्जित करना, शासकीय धन का दुरुपयोग और निर्माण में अनियमितता के मामले शामिल हैं। इस साल ईओडब्लयू एक्सिस बैंक घोटाले के आरोपितों को सजा दिलाने में सफल रही।

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