बड़ी खबर - दाऊद के पास पहुंची सेना की एके-47 , मच गया हडक़ंप

बड़ी खबर - दाऊद के पास पहुंची सेना की एके-47 , मच गया हडक़ंप

deepak deewan | Publish: Sep, 09 2018 09:33:33 AM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

दाऊद के पास सेना की एके-47

जबलपुर. सेंट्रल ऑर्डनेंस डिपो (सीओडी) से पाट्र्स के रूप में 70 एके-47 रायफल चुराने के मामले में बिहार के मुंगेर पुलिस की गिरफ्त में आए हथियार तस्कर शमशेर आलम उर्फ वीरू ने बड़ा खुलासा किया है। उसने बिहार में ‘डी-कम्पनी’ से जुड़े गुर्गों के अलावा बड़ी संख्या में एके-47 रायफलें नक्सलियों और आइएम (इंडियन मुजाहिद्दीन) को बेची है। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने उसकी बहन रिजवाना अख्तर को शुक्रवार रात मुंगेर जिले से गिरफ्तार किया। उसके घर की 15 घंटे चली सर्चिंग में तीन एके-47 रायफल, मैगजीन, सिंगल बैरल बंदूक, डबल बैरल बंदूक का बट जब्त किए। पुलिस को उसके घर में हजार कारतूस होने की भी जानकारी मिली थी, लेकिन तलाशी में नहीं मिली।


29 अगस्त को जबलपुर के गोरखपुर थानांतर्गत पंचशील नगर में रहने वाला रिटायर्ड आर्मरर पुरुषोत्तमलाल अपनी पत्नी चंद्रवती के साथ एके-47 रायफलों की डिलेवरी देने के लिए लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस ट्रेन से मुंगेर के जमालपुर स्टेशन पहुंचा था। उसने तीन एके-47 रायफल और उसके कलपुर्जे का बैग मुंगेर निवासी तस्कर इमरान और दूसरा बैग बहनोई मुंगेर के बरदह निवासी शमशेर आलम को दिया था। दोनों से अग्रिम राशि के रूप से तीन-तीन लाख रुपए भी पुरुषोत्तम को मिले थे।


इस तरह भंडाफोड़
जमालपुर रेलवे स्टेशन से निकलते ही जुबली वेल चौक पर पुलिस ने इमरान को दबोच लिया। उसकी गिरफ्तारी से जबलपुर सीओडी के आरएसएसडी गोदाम से पाट्र्स में चुराई जा रहीं एके-47 रायफल के खेल का भंडाफोड़ हुआ। मुंगेर पुलिस की सूचना पर चार सितम्बर को जबलपुर की क्राइम ब्रांच ने रीवा में दबिश देकर वर्ष 2008 में रिटायर्ड आर्मरर पुरुषोत्तमलाल, उसकी पत्नी चंद्रवती, बेटे शीलेंद्र को गिरफ्तार किया। तीनों की पूछताछ के बाद जबलपुर के अधारताल स्थित जयप्रकाश नगर में दबिश देकर सीओडी में कार्यरत सीनियर स्टोर मैनेजर सुरेश ठाकुर को दबोचा लिया। चारों रिमांड पर हैं। छह सितम्बर को मुंगेर पुलिस ने पुरुषोत्तम के खुलासे पर जबलपुर सीओडी से रिटायर्ड उसके साथी आमरर्र नियाजुल हसन, भाई शमशेर और बहन रिजवाना अख्तर को दबोचा।


यूएपीए के तहत प्रकरण होगा दर्ज
जबलपुर क्राइम ब्रांच के इनपुट और शमेशर आलम के नक्सलियों को एके-47 बेचे जाने के खुलासे के बाद अब यूएपीए (अन लॉ फुल प्रिवेंशन एक्ट) के तहत भी आरोपितों पर कार्रवाई की तैयारी है।


वर्ष 2009 से फरार था शमशेर
मुंगेर पुलिस की गिरफ्त में आया शमशेर वर्ष 2009 हत्या के प्रयास मामले में फरार था। उस पर मुंगेर के मुफस्सिल थाना में जान से मारने की नीयत से हमले का प्रकरण दर्ज था।


नहीं मिली क्राइम ब्रांच को अनुमति
जबलपुर क्राइम ब्रांच की टीम को सीओडी में जांच की अनुमति नहीं मिली। क्राइम ब्रांच ने एसपी के माध्यम से सीओडी कमाडेंट बिग्रेडियर आरके सिंह सहित उच्चाधिकारियों को पत्र भेज कर अनुमति मांगी थी। क्राइम ब्रांच के एएसपी शिवेश सिंह बघेल ने बताया कि प्रकरण में सीओडी के चार अन्य लोगों की भूमिका की भी जानकारी मिली है, लेकिन जांच की अनुमति नहीं मिलने से मामला अटका है।


ये है मामला
वर्ष 2008 में सीओडी से आर्मरर के पद से जबलपुर के पंचशील नगर निवासी पुरुषोत्तमलाल रजक और मुंगेर के बरदह निवासी नियाजुल हसन रिटायर्ड हुए थे। नियाजुल ने ही पुरुषोत्तम को एके-47 रायफलों को पाट्र्स के रूप में चुराने के लिए तैयार कर अपने भाई शमशेर और रिश्तेदार इमरान से मिलवाया था। वर्ष 2012 से पुरुषोत्तमलाल सीओडी में कार्यरत सीनियर स्टोर मैनेजर सुरेश ठाकुर से पाट्र्स के रूप में एके-47 चोरी कराता था। उसे अपने घर में मरम्मत कर पांच लाख में इमरान व शमशेर को मुंगेर जाकर बेच रहा था।


जबलपुर आएगी एनआइए की टीम
एके-47 रायफलों को नक्सलियों और आतंकियों को बेचे जाने का खुलासा होने के बार एनआइए (नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी) की टीम भी मुंगेर पहुंच गई है। टीम जबलपुर भी आएगी। शनिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के गया व राजगीर के अचानक दौरे को भी इसी से जोडकऱ देखा जा रहा है।
बिहार की मुंगेर पुलिस ने तस्कर शमशेर की बहन को भी गिरफ्तार किया

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