3500 करोड़ के प्रोजेक्ट से और सशक्त होगी भारतीय सेना, दुश्मनों की अब खैर नहीं

3500 करोड़ के प्रोजेक्ट से और सशक्त होगी भारतीय सेना, दुश्मनों की अब खैर नहीं

Abhishek Dixit | Publish: Apr, 17 2019 06:29:52 PM (IST) | Updated: Apr, 17 2019 06:29:53 PM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

शहर की निर्माणियों में होना है बम-तोप और वाहन का उत्पादन, 3500 करोड़ के बनेंगे सेना के साजो-सामान

जबलपुर. रक्षा उत्पादन में बड़ी भूमिका निभाने वाली शहर की आयुध निर्माणियां नए वित्तीय वर्ष में कई नए उत्पादों को तैयार करेंगी। सेना के तीनों अंगों के लिए कुछ न कुछ नया बनेगा। ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) ने इनमें से लगभग सभी निर्माणियों को नया उत्पादन लक्ष्य भी दे दिया है। यह 35 सौ से 4 हजार करोड़ के बीच होगा। इसी हिसाब से उत्पादन की योजना भी बनाई जा रही हैं। ऑडनेंस फैक्ट्री खमरिया (ओएफके) में इस साल 1663 सौ करोड़ का उत्पादन किया था। मैंगों प्रोजेक्ट के तहत 125 एमएम एंटी टैंक बम का उत्पादन नहीं होने से 300 से 400 करोड़ का उत्पादन नहीं हो सका था। नहीं तो यह आंकड़ा करीब 2 हजार करोड़ पर पहुंचता। चालू वित्तीय वर्ष में उसे करीब 2 हजार करोड़ का लक्ष्य मिला है। हालांकि प्रबंधन ने अभी बोर्ड से अधिकृत रूप से लक्ष्य नहीं आने की बात कही है।

गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) में रेकॉर्ड 700 करोड़ रुपए का उत्पादन हुआ था। इस साल उसे लगभग 742 करोड़ रुपए मूल्य का उत्पादन लक्ष्य मिला है। इसमें 252 करोड़ से ज्यादा का उत्पादन तो सिर्फ धनुष तोप का है। बाकी लाइट फील्ड गन, एल-70 एंटी एयरक्राफ्ट गन का अपग्रेडेशन, 130 एमएम की अपग्रेड गन शारंग गन और 120 एमएम मोर्टार के अलावा दूसरे छोटे-बड़े काम हैं। इसी प्रकार कुछ काम एमुनेशन बॉक्स का है।

वीकल फैक्ट्री जबलपुर (वीएफजे) में बोर्ड से कोई बड़ा लक्ष्य तो नहीं मिला बल्कि जिन सैन्य वाहनों का उत्पादन पिछले वित्तीय वर्ष में नहीं हो पाया था, उन्हें ही तैयार किया जाएगा। बताया जाता है कि इसमें 600 से अधिक स्टालियन और तीन सौ से ज्यादा एलपीटीए के अलावा 260 के करीब अपग्रेड माइन प्रोटेक्टिड वीकल और आधा सैकड़ा से अधिक 407 वाहन की बुलेटपू्रफिंग का काम काम शामिल है। इनकी कीमत लगभग 600 करोड़ हेागी।

ग्रे आयरन फाउंड्री (जीआइएफ) में इस साल उत्पादन लक्ष्य करीब 125 करोड़ रुपए का है। हालांकि पिछले साल यह लगभग 140 करोड़ था। लेकिन एरियल बम बॉडी की कीमत में बदलाव होने से लक्ष्य में परिवर्तन हुआ है। बताया जाता है कि फाउंड्री इस साल करीब 40 हजार हैंड ग्रेनेड, दस हजार से ज्यादा एरियल बम बॉडी, 300 से ज्यादा 250 किग्रा बम की बॉडी और एमुनेशन बॉक्स का उत्पादन करेगी।

यह है नए प्रोजेक्ट
ओएफके
751 एंटी टैंक बम।
125 एमएम बम।
मल्टी मोड हैंड ग्रेनेड।

जीसीएफ
130 एमएम शारंग गन।
स्वदेशी बोफोर्स धनुष तोप।
120 एमएम मोर्टार।

वीएफजे
130 एमएम सारंग गन।
मॉडीफाइड एमपीवी।
407 गाड़ी की बुलेट पू्रफिंग।

जीआइएफ
250 किग्रा बम बॉडी।
हैंड ग्रेनेड बम बॉडी।
वीएफजे के लिए ढलाई।

कई नए प्रोजेक्ट होने के कारण इस वित्तीय वर्ष में 742 करोड़ से ज्यादा का उत्पादन लक्ष्य मिला है। यह समय पर पूरा हो सके इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।
प्रशांत प्रसन्ना, जनसंपर्क अधिकारी जीसीएफ

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