लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स ने उठाई ये बड़ी मांग

पत्रिका मुद्दा : सुरक्षा संस्थानों में नहीं हो रही अनुकम्पा नियुक्ति, परिवार परेशान

By: abhishek dixit

Published: 04 Apr 2019, 07:44 PM IST

जबलपुर. 'सुरक्षा संस्थानों में स्टाफ सिमटता जा रहा है। नई भर्तियां नहीं हो रही हैं। अनुकम्पा नियुक्ति नहीं होने से पांच हजार परिवारों का गुजर-बसर मुश्किल हो गया है। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में जिम्मेदारों के लचर रवैए से भी परेशानी हो रही है।Ó वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन ने मंगलवार को पत्रिका मुद्दा के तहत ये बातें कहीं। उन्होंने कहा, लोकसभा चुनाव में यह बड़ा मुद्दा होगा।

एक डिस्पेंसरी पर 17 हजार निर्भर
वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन के अध्यक्ष आरएस तिवारी ने बताया, जिले में 85 हजार कर्मचारी स्वास्थ्य सुविधिाओं के लिए सीजीएचएस पर निर्भर हैं। इनके लिए शहर में केवल पांच डिस्पेंसरी हैं। प्रत्येक डिस्पेंसरी पर 17 हजार लोग निर्भर हैं। इलाज कराने और दवाइयों के लिए इन्हें सुबह से कतार में लगना पड़ता है। इस दौरान कई बार बुजुर्ग लोग चक्कर खाकर गिर जाते हैं। इसके बावजूद नई सीजीएचएस डिस्पेंसरी नहीं खोली जा रही है। जबकि जबलपुर में पांच सुरक्षा संस्थान, रेलवे, बीएसएनएल, डाक विभाग के कर्मचारी और पेंशनर्स रहते हैं।

समग्र विकास पर हो फोकस
वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन के दिनेश चौरे, लक्ष्मण प्रसाद रजक, एचएल जांगड़े, आरएस दुबे ने कहा, महानगर का समग्र विकास होना चाहिए। रांझी, मानेगांव समेत शहर के कई अन्य इलाकों में केंद्रीय कार्यालयों से सेवानिवृत्त कर्मचारी निवासरत हैं। इन क्षेत्रों में आज भी पेयजल व्यवस्था नहीं है। न तो नई सड़कों का निर्माण हो रहा है और न ही जर्जर सड़कों की मरम्मत हो रही है। ये क्षेत्र विकास की मुख्य धारा से अलग-थलग नजर आते हैं।

लोकसभा चुनाव में राकेश सिंह बनाम विवेक तन्खा
मप्र की सबसे हॉट सीट जबलपुर में आखिरकार कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार गुरुवार दोपहर को घोषित कर दिया है। कयासों और अटकलों के गर्म बाजार में जिस नाम का उल्लेख हो रहा था, आखिर कांग्रेस ने विवेक से काम लेते हुए उनके नाम पर मुहर लगा दी है। कांग्रेस ने राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा को प्रत्याशी घोषित किया है। वे यहां से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को चुनौती देंगे। तन्खा के नाम को लेकर सोशल मीडिया में बहुत पहले से ही नाम चल रहा था।

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