इस ट्रेन में सफर करना पड़ सकता है भारी, सुरक्षा में दरारें ही दरारें

 इस ट्रेन में सफर करना पड़ सकता है भारी, सुरक्षा में दरारें ही दरारें
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Lalit Kumar Kosta | Updated: 13 Jun 2017, 11:50:00 AM (IST) Jabalpur, Madhya Pradesh, India

बफर में दरार, वेल्डिंग से जोड़कर चलाया जा रहा काम, खाली रैक में भी दब रहे बफर

जबलपुर। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर दम भरने वाली रेलवे उनकी जान से खिलवाड़ कर रही है। पश्चिम-मध्य रेलवे के जबलपुर स्टेशन से इंदौर दौडऩे वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस के खाली रैक के बफर दब रहे हैं। स्टेशन पर खड़े रैक में यह सामने आया कि कोच के हर बफर में अंतर रहा। बफर में दरार थी, जिसे वेल्डिंग से जोड़ा गया था। रेलवे जानकार यह भी दलील दे रहे हैं कि यह कारण सिर्फ बफर का नहीं हो सकता है, इसमें वाशिंग एप्रोन के एलानमेंट पर भी निर्भर करता है।

जबलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक एक पर खड़ी इंदौर इंटरसिटी के खाली रैक के हर कोच के बफर उपर नीचे थे। तकनीकी रूप से इन बफर में समानता नहीं थी। कोई बफर नीचे दबा था तो कोई उपर चढ़ा हुआ था। किसी बफर में गेप भी था।


बफर में दरार
इंजन से आठवें डिब्बे के बफर के ज्वाइंट में दरार थी। यह दरार उस जगह थी, जहां बफर का चक्का दूसरे बफर के चक्के से टकराता है और यह पुशिंग के जरिए रफ्तार से दौड़ रही ट्रेन पर पडऩे वाले दबाव को नियंत्रित करता है।

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चक्के के किनारे वेल्ड
बफर के चक्के के किनारे खुल गए हैं। भारी-भरकम लोहे के किनारों को वेल्ड किया गया है। यह वेल्डिंग टांके के रूप में किया गया है।


दुर्घटना की आशंका
बफर के सामान्य नहीं होने की वजह से रनिंग ट्रेन में दुर्घटना की आशंका हो सकती है। बफर एक दूसरे के साथ सामान्य नहीं होने से ये बफर एक-दूसरे से टकराने के बाद पूरा दबाव कम नहीं कर पाते हैं। कई मामलों में यह भी सामने आया है कि कोच में क्षमता से अधिक वजन होने की वजह से ये बफर दब जाते हैं। कई बार पटरियों की वजह से भी यह बफर दब जाते हैं। पश्चिम-मध्य रेलवे के तकनीक एक्सपर्ट का कहना है कि ट्रेन के आने के बाद उसका मैंटनेंस किया जाता है। तभी ट्रेन रवाना की जाती है। कोचों के मैंटनेंस का समय निर्धारित है। प्राइमरी और सेकेंड्री मैंटनेंस में यह देख लिया जाता है कि कोच की क्या स्थिति है अन्यथा कोच को सिक करके अलग कर दिया जाता है।

कोच मैंटनेंस किया जाता है। विषम स्थिति में कोच बदला भी जाता है। ट्रेन रवाना करने के पहले पूरी तरह जांच की जाती है। इंटरसिटी एक्सप्रेस के बफर की जानकारी नहीं है।
- सुरेन्द्र यादव, सीपीआरओ, पमरे

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