सिंचाई शुरू, प्रदेश में बढऩे लगी बिजली की मांग

पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष काफी कम है मांग का आंकड़ा
14 हजार मेगावॉट तक जाएगी इस बार बिजली की मांग
वर्तमान में बिजली की मांग-9250 मेगावॉट अधिकतम

जबलपुर, नवंबर के शुरू होते ही बिजली की मांग का ग्राफ बढऩे लगा है। सितंबर के मुकाबले नवंबर में दो हजार मेगावॉट मांग बढ़ी है। इसके पीछे का कारण रबी सीजन में सिंचाई शुरू होना है। प्रदेश में किसानों को दस घंटे सिंचाई के लिए बिजली दी जा रही है, जिसका उपयोग किसानों ने शुरू कर दिया है। इसके चलते मांग में बढ़ोत्तरी होने लगी है। प्रदेश में पिछले कुछ हफ्तों पूर्व तक हुई बारिश के चलते बिजली की मांग नहीं बढ़ी थी।
इस वर्ष मांग
मांग-माह
सितंबर- 7500 मेगावॉट
अक्टूबर- 8200 मेगावॉट
नवंबर- 9300 मेगावॉट
नवंबर शुरू होते ही बढ़ी मांग
अक्टूबर में प्रदेश में में रोजाना 7500 मेगावॉट बिजली की मांग रही। जो अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक आठ से सवा आठ हजार मेगावॉट पहुंची। लेकिन नवंबर के शुरू होते ही मांग में बढोत्तरी होनी शुरू हो गई है। मांग का यह क्रम दिसंबर और जनवरी 2020 तक जारी रहेगा। इस वर्ष जनवरी में मांग 14 हजार मेगावॉट के लगभग पहुंच सकती है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 में अक्टूबर माह से बैकिंग की गई बिजली वापस ली जाने लगी थी, लेकिन इस वर्ष यह बिजली नवंबर के अंतिम सप्ताह से वापस ली जा सकती है।
दिसम्बर 2018 में मांग
तारीख-मांग
08 -13474 मेगावॉट
24 -13640 मेगावॉट
25 -13642 मेगावॉट
26 -13740 मगावॉट
27 -13778 मेगावॉट
जनवरी 2019 में इतनी मांग
तारीख - मांग
01 -13848 मेगावॉट
02 -13864 मेगावॉट
04 -13978 मेगावॉट
05 -14000 मेगावाट
यह है वर्तमान में हालात
प्रदेश में अच्छी बारिश होने के कारण सभी जल विद्युत गृहों से बिजली का उत्पादन किया गया। वहीं समय पर सभी ताप विद्युत गृहों का भी मैंटेनेंस पूरा कर लिया गया। बारिश के चलते मांग कम रही, इसके चलते लगातार बिजली की बैकिंग की जाती रही, जबकि पिछले वर्ष अक्टूबर माह से ही बिजली की मांग में इजाफा होने लगा था।
पिछले वर्ष कम्पनी में कहां कितनी मांग
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी (इंदौर व उज्जैन)- 5454 मेगावॉट
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी (भोपाल व ग्वालियर)-4736 मेगावॉट
पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी (जबलपुर, सागर व रीवा)- 3797 मेगावॉट
तीन माह में 281.26 करोड़ यूनिट की सप्लाई
वर्ष 2018 के अक्टूबर, नवम्बर और दिसम्बर माह में बिजली की मांग में लगातार इजाफा होता रहा। इस दौरान 218.2 करोड़ यूनिट बिजली की सप्लाई प्रदेश में की गई। इसके बावजूद जनवरी में मांग बढ़ी और आंकड़ा साढ़े 13 हजार मेगावॉट मांग तक पहुंच गया। दिसम्बर 2018 में 31 दिन तक लगातार 12 हजार मेगावाट से अधिक की मांग प्रतिदिन रही। वहीं पिछले रबी सीजन के 25 दिन ऐसे थे जिनमें मांग का ग्राफ 13 हजार मेगावॉट से अधिक पहुंच गया। वहीं पूरे रबी सीजन में 41 दिन बिजली की मांग 13 हजार मेगावॉट रही।

virendra rajak
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