इजराइल भारतीय सेना के लिए देगा आधुनिक एंटी टैंक एमुनेशन

ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया का दल ने किया दौरा, अभी रूसी तकनीक से बन रहा बम

 

By: prashant gadgil

Published: 11 Jun 2019, 12:07 AM IST

जबलपुर। इजराइल एक बार फिर भारतीय सेना के लिए 125 एमएम एंटी टैंक एमुनेशन देना चाहता है। इस प्रोजेक्ट सिलसिले में एक दल ने सोमवार को ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया (ओएफके) का दौरा किया। उन्होंने इस बम के उत्पादन में इस्तेमाल हो रही तकनीक के साथ सुविधाओं का मुआयना किया। फैक्ट्री के अधिकारियों ने दल को मौजूदा इस प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी दी। अब वह अपनी रिपोर्ट तैयार करने उपरांत रक्षा मंत्रालय के साथ आगे की रूपरेखा बनाएगा। ओएफके में पहले भी इजराइल के सहयोग से १२५ एमएम एफएसएपीडीए एंटी टैंक एमुनेशन का उत्पादन होना रहा है। बाद में इजराइली कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया था। फैक्ट्री में इजराइली वर्जन का जितना भी एमुनेशन बनना था, उसे बीेते करीब दो साल पहले तक कंपलीट कर लिया गया था। अब इजराइल पहले से ज्यादा अपग्रेड वर्जन देने की पेशकश कर रहा है। इसलिए विदेशी दल देश की उन फैक्ट्रियों की यात्रा कर रहा है जहां यह बम तैयार किया जाता है। ज्ञात हो कि मौजूदा समय में रूस के सहयोग से टैंक को उड़ाने वाले १२५ एमएम एमुनेशन तैयार किया जा रहा है। इसे मैंगो प्रोजेक्ट के नाम से भी जाना जाता है। इसका एसकेडी स्वरूप में उत्पादन भी शुरू हो चुका है। खमरिया से बड़ी मात्रा में यह बम सेना को सप्लाई किया जा चुका है ।

अब सीकेडी फार्मेट में इसके उत्पादन की तैयारी की जा रही है। लेकिन इजराइल भी अब पुन: यहां इस एमुनेशन के उत्पादन की पेशकश कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि भारत सरकार और इजराइली सरकार के बीच रक्षा उत्पादन के संबंध में चर्चा भी हुई ।इसी आधार पर यह दल देशभर में घूम रहा है। अब दल की यात्रा और उनकी रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि ओएफके में रूस के साथ इजराइली वर्जन का बम भी बनेगा या फिर मैंगो प्रोजेक्ट ही चलता रहेगा। इस यात्रा से इजराइली दल काफी संतुष्ट भी दिखा क्योंकि अब फैक्ट्री में एंटी टैंक एमुनेशन के लिए नई प्रोडक्शन लाइन तैयार की गई है।

 

prashant gadgil Desk
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