अद्भुत है ये स्थान, 'लंबोदर' के दर पर कागज में लिखकर लगाते हैं 'अर्जियां' 

नर्मदा तट पर ग्वारीघाट स्थित सिद्ध गणेश एक ऐसा मंदिर है जहां लोग अपनी मन्नत पूरी करने के लिए अर्जियां लगाते हैं।

जबलपुर। वैसे तो मन्नत पूरी करने के लिए कई तरह के अनुष्ठान और पूजाएं की जाती हैं लेकिन ग्वारीघाट स्थित सिद्ध गणेश एक ऐसा मंदिर है जहां लोग अपनी मन्नत पूरी करने के लिए अर्जियां लगाते हैं। यही नहीं इनका बाकायदा नंबर भी एक रजिस्टर में दर्ज होता है।
नारियल के साथ हैं बांधते

नर्मदा तट पर ग्वारघाटी में स्थित इस मंदिर में भगवान श्री गणेश अपनी पत्नी रिद्धि और सिद्धि के साथ निवास करते हैं। एक कागज के टुकड़े में अपनी मन्नत लिखकर नारियल में बांध दी जाती हैं। ये भगवान श्रीगणेश को अर्पित होती हैं। बताया जाता है कि ये यहां की बरसों की परंपरा है। ऐसा करने पर कभी कोई खाली हाथ नहीं जाता। भक्तों की करुण पुकार लंबोदर तक जरूर पहुंचती है।

लाखों होते हैं एकत्रित

नारियल में अर्जियां लगाने वाले लाखों भक्तों के लाखों नारियल भी यहां एकत्रित हो जाते हैं। अन्य मंदिरों या पूजन की तरह इन नारियलों का प्रसाद वितरित नहीं किया जाता, बल्कि अनंत चतुर्दशी के दिन इनका हवन कर दिया जाता है। इस दिन लाखों भक्त गणपति के दर्शनों और हवन में शामिल होने एकत्रित होते हैं।
आलौकिक प्रतिमा

मंदिर के विषय में बताया जाता है कि जब इसके निर्माण की तैयारी चल रही थी तब प्रारंभ में मंदिर को भूमि तल से 5-6 फीट ऊपर उठाकर बनाने का निश्चय किया गया। जब भूमि की खुदाई प्रारंभ हुई तो 4 फीट नीचे भगवान श्री सिद्ध गणेश की लगभग ढाई फीट उंची प्रतिमा मिली। मंदिर निर्माण के बाद, इसी प्रतिमा को मंदिर में स्थापित किया गया। जो प्रतिमा खुदाई के दौरान प्राप्त हुई थी वह अब भी गर्भगृह में है। जिनके दर्शन करना भक्त सौभाग्यकारी मानते हैं।
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आभा सेन
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