Jabalpur CBI-जबलपुर सीबीआइ करेगी छत्तीसगढ़ के बीजापुर नरसंहार की जांच

मई 2013 में छग के बीजापुर गंगालुर में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में तीन बच्चों सहित आठ आदिवासियों की हुई थी मौत, मई में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ जांच के दिए थे आदेश

By: santosh singh

Published: 07 Jul 2019, 07:00 AM IST

जबलपुर. छत्तीसगढ़ के बीजापुर में मई 2013 में हुई पुलिस-नक्सली मुठभेड़ मामले की जांच अब जबलपुर सीबीआइ करेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जबलपुर सीबीआइ ने शुक्रवार को एफआइआर दर्ज की। इस मुठभेड़ में एक जवान और तीन बच्चों सहित आठ आदिवासियों की मौत हुई थी। सीबीआइ ने छत्तीसगढ़ में नई सरकार की अनुमति के बिना केस दर्ज करने से मना कर दिया था।
17 मई 2013 की घटना
सीबीआइ के मुताबिक छग के बीजापुर स्थित एडसमेटा गांव के पास 17 मई 2013 की रात सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। स्थानीय पुलिस व कोबरा बटालियन का दावा था कि नक्सलियों ने आदिवासियों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किया था। इसमें बटालियन का जवान भी शहीद हुआ था।
ग्रामीणों का दावा वे देवगुडी त्योहार मनाने एकत्र हुए थे
ग्रामीणों का आरोप था कि वे सभी देवगुडी में त्योहार मनाने के लिए एकत्र हुए थे। इसी दौरान पुलिस ने लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। इस प्रकरण में कोबरा जवान की मौत पर ही स्थानीय थाने में एफआइआर दर्ज की गई थी। कुछ एनजीओ और मानवाधिकार संगठनों ने इस पूरे मामले की छग से बाहर स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
डेढ़ महीने बाद सीबीआइ ने दर्ज की एफआइआर
सुप्रीम कोर्ट ने मई 2019 में सीबीआइ जांच के आदेश दिए थे। डेढ़ महीने तक सीबीआइ और छग सरकार के बीच मामला दर्ज करने को लेकर विचार चलता रहा। राज्य सरकार से अनुमति नहीं मिलने पर अवमानना से बचने के लिए सीबीआइ ने बीच का रास्ता निकालते हुए जबलपुर यूनिट को जांच सौंपी।
वर्जन-
छग के एडसमेट गांव में वर्ष 2013 में सुरक्षाबलों व नक्सली मुठभेड़ में कोबरा जवान और तीन बच्चों सहित आठ आदिवासियों की मौत हो गई थी। इस प्रकरण की स्वतंत्र एजेंसी से जांच की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गुरुवार को एफआइआर दर्ज की गई। अभी केस डायरी नहीं मिली है।
पीके पांडे, एसपी, सीबीआइ, जबलपुर

 

Show More
santosh singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned