इस इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़े स्टूडेंट बने आरएसएस प्रमुख, आईटी कंपनी के मालिक

यहां से पढकऱ निकली कई शख्सियत, देश दुनिया में बनाया मुकाम
इंजीनियर ही नहीं, नेता-अभिनेता-उद्योगपति बनकर रोशन किया नाम

 

By: Lalit kostha

Updated: 15 Sep 2021, 12:53 PM IST

जबलपुर। इंजीनियरिंग की पढ़ाई छात्र के व्यक्तित्व का निर्माण भी करती है। जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज (जेईसी) से इंजीनियर की डिग्री लेकर छात्रों में कुछ नेता, अभिनेता और उद्योगपति भी हैं जो आज देश दुनिया में संस्कारधानी और अपने कॉले का नाम रोशन कर रहे हैं। जेईसी मध्य भारत का सबसे पुराना इंजीनियरिंग कॉलेज है।

इंजीनियर से बन गए फिल्म अभिनेता
बालीवुड अभिनेता शरत सक्सेना ने जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से 1970 में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन की पढ़ाई की। बेहतरीन कद काठी के शरत का नाटक फिल्मों में रुझान था। 1972 में माया नगरी मुम्बई की ओर रुख कर लिया और अपने अभिनय का लोहा मनवाया। बालीवुड शहंशाह अमिताभ बच्चन से लेकर नामचीन कलाकारों के साथ काम किया। एजेंट विनोद, मिस्टर इंडिया, काला पत्थर, घायल, बॉक्सर, साथिया, गुलाम, बागबान जैसी कई फिल्मों में शानदार अभिनय किया। वर्ष 1998 में गुलाम फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ खलनायक के रूप में फिल्म फेयर अवार्ड से सम्मानित किया गया।

 

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देश में खुद का बनाया कम्प्यूटर
पद्मभूषण से सम्मानित डॉ. अजय चौधरी की स्कूली शिक्षा क्राइस्टचर्च स्कूल जबलपुर से हुई। 1971 में जेईसी से इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार की डिग्री हासिल की। उन्होंने एचसीएल कम्पनी की स्थापना की। देश में सबसे पहला भारतीय एचसीएल कम्प्यूटर उनके द्वारा लाया गया। ये देश की पहली तो दुनिया की तीसरी कम्पनी थी। वे संस्थान, छात्रों को खुले दिल से मदद करते हैं। वर्ष 2011 में उन्हें सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आईसीटी में लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड, 2014 में आनोरिस कौसा अवार्ड से सम्मानित किया गया। इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा इंडिया के सबसे शक्तिशाली सीईओ के रूप में
चुना गया।

सडक़ से लेकर हवाई जहाज तक
जेईसी में वर्ष 1978 में सिविल इंजीनिरिंग की डिग्री लेने वाले दिलीप सूर्यवंशी ने भोपाल में रुख करते हुए छोटी छोटी इकाइयों में निर्माण करने के बाद खुद की कम्पनी तैयार की। उनकी कम्पनी देश के 17 राज्यों में सडक़ हाईवे निर्माण रेल परियोजनाओं, कोयला खदानों, बांध परियोजना में अहम रोल अदा कर रही है। अब हवाई जहाज के लिए तैयार होने वाले एयरपोर्ट के निर्माण में भी काम शुरू करने जा रही है। आज वे 25,000 से अधिक कर्मचारियों को रोजगार दे रहे हैं। कॉलेज हॉस्टल के लिए खुले दिल से दान देते हैं।

 

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सरसंघ के बने मुखिया
केएस सुदर्शन ने जेईसी से दूरसंचार में डिग्री प्राप्त की और शिक्षा के साथ ही राजनीतिक पटल में भी छाये रहे। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सुप्रीम के पद तक पहुंचे। वेे 9 वर्ष की अल्पआयु से ही आरएसएस से जुड़ गए थे। मप्र छत्तीसगढ़ के प्रांत प्रचारक की कमान से लेकर मार्च 2000 को आरएसएस के सरसंघचालक के सर्वोच्च प्रमुख बने। उन्होंने राष्ट्रनिर्माण, नि:स्वार्थ समाज सेवा की।

विदेशों में काम
पोल्ट्री इंडस्ट्री के रूप में देश और विदेशों में नाम कमाने वाले विश्वनाथ दुबे भी जेईसी से पढकऱ निकले थे। उन्होंने वर्ष 1959 में मैकेनिकल की डिग्री हॉसिल की। खुद का पोल्ट्री कारोबार स्थापित किया। उन्होंने राजनीति क्षेत्र में भी मुकाम स्थापित किया। वर्ष 1999 में महापौर बनने का सफर पूरा किया था।

इंजीनियरिंग की तरफ बढ़ रहा रुझान
- एक्सपर्ट डॉ. पंकज गोयल कहतें हैं कि पिछले कुछ समय से इंजीनियरिंग में ढेरों नए जॉब आरिएंट और आधुनिक कोर्स आए हैं। रोजगार के अवसर ज्यादा होने के कारण भी अब छात्र इस दिशा में लाललियत हो रहा है।
- एक्सपर्ट इंजी प्रभात दुबे कहते हैं कि आधुनिक युग में तकनीकी क्षेत्र का विस्तार हुआ है। भविष्य को देखते हुए इंजीनियरों की भी मांग बढ़ी है।
- एक्सपर्ट डॉ. प्रशांत जैन का कहना है कि जेईसी ने कई प्रतिभाएं तराशी हैं। निश्चित ही हम सभी के लिए भी गर्व की बात है।

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