dacoits के सॉफ्ट टार्गेट रहा है जबलपुर, बांग्लादेशी तक अंजाम दे चुके हैं वारदात

dacoits:गोसलपुर के अलावा डकैती की एक भी वारदात का खुलासा नहीं

जबलपुर. जिले में पिछले कुछ वर्षों में हुई डकैती की वारदात ने यह साफ कर दिया है कि ये शहर हमेशा से उनका सॉफ्ट टार्गेट रहा है। गोसलपुर डकैती की वारदात को छोड़ दें तो अब तक अन्य वारदातें पुलिस के लिए पहेली साबित हुई। जिले में यूपी-बिहार से लेकर बांग्लादेश से भी डकैत आते रहे हैं। अधिकतर वारदातें ठंड के शुरुआत या फिर समाप्ति के समय पर हुई हैं। डकैतों के टार्गेट पर सबसे आसान रेल टै्रक, हाइवे के किनारे बनीं सूनसान कॉलोनियां रहती हैं।
गोसलपुर डकैती मामले में भी तीन फरार
जिले में आखिरी डकैती की वारदात 12 नवम्बर 2018 की रात गोसलपुर में हुई थी। तब डकैतों ने एएसआई के घर को टार्गेट बनाया था। इस वारदात में स्थानीय गैंग की भूमिका सामने आयी थी। पुलिस ने महीने भर बाद इसका खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया, लेकिन तीन आरोपी अमित कोल, संजू ठाकुर व राजू अहिरवारअब तक फरार हैं। सभी पर ईनाम घोषित हैं।
ये बड़ी डकैती अब तक अनसुलझी
07 मई 2018 को ओमती थानांतर्गत नेपियर टाउन निवासी कलर लैब संचालक निखिल अग्रवाल के घर बंधक बनाकर 80 लाख की डकैती।
11 नवम्बर 2016 को संजीवनी नगर थानांतर्गत अधिवक्ता हर्षवर्धन शुक्ला के घर 10 लाख की डकैती।
14 मई 2016 को ओमती थानांतर्गत बार संचालक रामअवतार गुप्ता के घर 15 लाख की डकैती।
13 मई 2016 को मदनमहल थानांतर्गत स्नेह नगर निवासी मनोज सिंह के घर डकैती का प्रयास।
21 अप्रैल 2015 को केंट थानांतर्गत चौथा पुल निवासी लिज्जत पापड़ की प्रमुख पुष्पा बेरी को बंधक बना कर 20 लाख की डकैती।
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ये लापरवाही पड़ सकती है भारी
-रात में सख्ती से पुलिस गश्त न होना।
-पुलिस अधिकारियों का रात में फील्ड की जगह थानों में बैठना।
-देर रात घूमने वाले संदिग्धों से पूछताछ न करना।
-होटल, ढाबों, मुसाफिरखानों और धर्मशालाओं की जांच न करना।
-मुसाफिर रजिस्टर में रात में घूमने वालों की जानकारी दर्ज न करना।
-वारदात की सूचना के बाद काफी देर से मौके पर पहुंचना।

dacoits have robbery the 70 lakh
IMAGE CREDIT: patrika

ये गिरोह करते हैं वारदात
यूपी-बिहार की गैंग- गिरोह के सदस्य रेल की पटरियों के पास रहने वालों को निशाना बनाते है। रैकी के बाद वारदात को अंजाम दे भाग निकलते हैं।
तरीका- परिवार को धमकाने के लिए किसी एक सदस्य पर हमला करते हैं।
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बांग्लादेशी गिरोह -गिरोह के सदस्य बहरूपिया बनकर पॉश कॉलोनियों में जाते हैं। एक दल रैकी करता है, दूसरा दल डकैती को अंजाम देता है।
तरीका-चाकू की नोक पर परिवार को डराते हैं।
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कंजड़ गिरोह - गिरोह के सदस्य घर में घुसते ही परिवार के सदस्यों के मोबाइल छीन लेते है। गिरोह में महिलाएं भी शामिल होती हैं।
तरीका-पहले हमला, महिलाओं से छेडख़ानी, जरूरत पडऩे पर हत्या भी कर देते हैं।
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पारधी गिरोह - गिरोह के गुर्गे रैकी के बाद वारदात को अंजाम देते हैं। वारदात के बाद अलग-अलग दिशाओं और साधनों से भागते हैं
तरीका-धमकाकर पूरे परिवार को एक कमरे में बंद कर देते हैं।
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स्थानीय गिरोह - गिरोह के सदस्य धनाढ्य लोगों को निशाना बनाते हैं। राज खुलने की आशंका हेाने पर हत्या भी कर देते हैं।
तरीका- घरों में घुसकर परिवार के सदस्यों को डराकर वारदात करते हैं।
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डेरा वाले-शहर के आसपास डेरा लगाने वाले भी डकैत गिरोह के सदस्य होते हैं। ये रात में वारदात के बाद डेरे में लौट जाते हैं। एक टोली सामान लेकर चली जाती है, जबकि वारदात करने वाले बाद में जाते हैं।
तरीका-शहर में रहकर रैकी के बाद वारदात करते हैं।
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ये होते हैं निशाने पर
रेल पटरियों के किनारे रहने वालेमुख्य मार्ग या हाईवे पर रहने वाले सुनसान कॉलोनियां
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ये थाना क्षेत्र संवेदनशील
ओमती, केंट, संजीवनी नगर, अधारताल, रांझी, घमापुर, माढ़ोताल, विजयनगर और गढ़ा, गोसलपुर, खितौला व सिहोरा
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इस वर्ष की इन बड़ी वारदातों का खुलासा नहीं-
शहपुरा बैंक चोरी-जिले की सबसे बड़ी बैंक चोरी के खुलासे के लिए एसआइटी गठित हुई थी। एएसपी ग्रामीण के मार्गदर्शन में एसडीओपी पाटन, टीआइ शहपुरा, बेलखेड़ा आदि की की टीम शामिल है, फिर भी मास्टरमाइंड सहित कई आरोपी फरार हैं।
घटना-19 फरवरी 2019
इनाम-10 हजार
परिणाम-प्रकरण का पर्दाफाश, लेकिर मास्टरमाइंड सहित कई फरार
स्थिति-सम्पत्ति कुर्की सहित फरार आरोपियों की गिरफ्तारी होनी है।
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त्रिपुर सुंदरी मंदिर चोरी-जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल और आस्था के प्रतीक भेड़ाघाट के तेवर स्थित त्रिपुर सुंदरी मंदिर से सोने-चांदी के छत्र सहित अन्य चढ़ावा वाले आभूषणों की चोरी के लिए सीएसपी बरगी की अगुवाई में 10 सदस्यीय एसआइटी गठित है।
घटना-12 मई 2019
इनाम-10 हजार
परिणाम-अब तक पर्दाफाश नहीं
स्थिति-वारदात में शामिल आरोपितों की सीसीटीवी फुटेज से आगे जांच नहीं बढ़ी
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नुनसर एटीएम धमाका-प्रदेश की पहली ऐसी वारदात जिसमें विस्फोट से एटीएम को उड़ाकर बाइक सवार तीन बदमाश 6.83 लाख रुपए चुरा ले गए। खुलासे के लिए क्राइम सहित पाटन की पुलिस लगी है।
घटना-06 जून 2019
इनाम-10 हजार
परिणाम-अब तक खुलासा नहीं
स्थिति-सीसीटीवी फुटेज के अलावा कोई प्रगति नहीं

 

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santosh singh
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