जबलपुर पुलिस के टार्गेट पर हैं स्पेशल-44

इनामी बदमाश बने पुलिस के लिए सिरदर्द, 64 दिन में 44 पर इनाम घोषित, अधिकतर अब भी फरार

By: santosh singh

Published: 10 Mar 2019, 12:14 AM IST

जबलपुर. कुख्यात अपराधियों की धरपकड़ में पुलिस फिसड्डी साबित हो रही है। हर महीने इनामी बदमाशों के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। दो साल पहले शहर में दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाली गैंग का मास्टर माइंड विजय यादव और उसके दो साथी पुलिस के हाथ नहीं आए। शहर में डकैती के चारों प्रकरण अनसुलझे हैं। फैक्ट्री कर्मी जीएस खटुआ, पनागर में मिली युवक की हत्या के आरोपियों के सुराग देने वालों को दस हजार का इनाम देने की घोषणा भी काम नहीं आ रही। जनवरी से अब तक 64 दिनों में 44 पर इनाम घोषित किए गए, लेकिन इसमें से कुछ को ही पुलिस दबोच पाई।
हर साल 80 से 90 इनामी
जिले के इनामी बदमाशों की फेहरिश्त में स्थानीय के अलावा दिल्ली व यूपी के बदमाश भी शामिल हैं। कई मामलों में पुलिस को इनाम की राशि बढ़ानी पड़ी, लेकिन वे पकड़ से दूर हैं। जिला पुलिस हर साल औसतन 80 से 90 लोगों के खिलाफ इनाम घाोषित करती है, लेकिन इसकी तुलना में गिरफ्तारी आधे की भी नहीं हो पा रही।

इन पर इतना इनाम घोषित
ओमती-जित्तू चौधरी व अशोक पर तीन-तीन, गोलू उर्फ अब्दुल पर 10 हजार
हनुमानताल-शहनवाज पर दो हजार
भेड़ाघाट-नोने सिंह, टिक्कू पर पांच-पांच हजार, एक गिरफ्तार
गोरखपुर-हर्षपाल सिंह, राजा ठाकुर व विजय पर ढाई-ढाई हजार
मदनमहल-आशीष झारिया पर पांच हजार
कोतवाली-अनिल त्रिवेदी, पार्थ सारथी, पंचम पटेल और 324 के प्रकरण में अज्ञात पर ढाई-ढाई हजार
रांझी-सुलतान, आकाश पर ढाई-ढाई हजार, गौरव पर पांच हजार
सिहोरा-विनोद, रामकुमार, टिक्कू, प्रमोद, पंकज, अकलदेव, ललऊ पर धोखाधड़ी में तो बलात्कार में अमजद व सत्तार पर पांच-पांच हजार
घमापुर-जीसीएफ कर्मी जीएस खटुआ के प्रकरण में 10 हजार
लार्डगंज-वसीम, प्रसन्ना, आमीन पर ढाई-ढाई हजार
विजय नगर-अनिल राज, दुर्गेश, शिवम व यश पर ढाई-ढाई हजार
गोहलपुर-सुनील पर पांच हजार, योगेश पर ढाई हजार
मझगवां-रामसेवक व संतोष पर ढाई-ढाई हजार
पनागर-अज्ञात मृतक की हत्या करने वालों पर 10 हजार
खितौला-भोला पर पांच हजार, राहुल पर ढाई हजार
अधारताल-हीरा, जमीर, समीर पर ढाई-ढाई हजार
शहपुरा-बैंक चोरी करने वालों पर 10 हजार
गढ़ा-छेड़छाड़ के आरोपी पर ढाई हजार

क्राइम ब्रांच में 100 का अमला दिखावा
जिले में बड़ी घटनाओं और इनामी बदमाशों की धरपकड़ में स्थानीय पुलिस फेल हो जाय, तो क्राइम ब्रांच की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। सौ से अधिक का अमला होने के बावजूद क्राइम ब्रांच इनामी बदमाशों को दबोचने में फिसड्डी है।

ये है चर्चित प्रकरण-
जीएस खटुआ हत्याकांड
इनामी-अज्ञात
इनाम-10 हजार
05 फरवरी 2019 को घमापुर में 19 दिन से लापता जीसीएफ फैक्ट्री के जेडब्ल्यूएम जीएस खटुआ की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली। एसआइटी गठित, लेकिन अब तक आरोपियों का सुराग नहीं मिला।

----------------------
शहपुरा बैंक चोरी
इनामी-अज्ञात
इनाम-10 हजार
19 फरवरी 2019 को शहपुरा स्थित सहकारी बैंक में गैस कटर से कैश चेम्बर काटकर 80 लाख रुपए चोरी हो गई। आरोपियों की तलाश में 24 सदस्यीय एसआइटी गठित है। यूपी के बदायंू में टीम सप्ताह भर से डेरा डाले हुए हैं।

-------------------
जिम संचालक फायरिंग प्रकरण
इनामी-गोलू उर्फ अब्दुल
इनाम-10 हजार
27 फरवरी 2019 को सिविक सेंटर में जिम संचालक अमित भसीन को गोली मारकर आरोपी अधारताल निवासी गोलू उर्फ अब्दुल फरार हो गया।

-------------------
विजय यादव गैंग
इनाम-10 हजार
04 जनवरी 2017 को विजय यादव और उसके पांच साथियों ने बल्देवबाग में कांग्रेस नेता राजू मिश्रा और कक्कू पंजाबी की गोली मारकर हत्या की थी। तब से विजय सहित आदेश सोनी व मोनू सबलोक फरार है।

-----------------------

गोरखपुर
इनामी-नई दिल्ली निवासी अतुलपुंज, अश्वनी विनायक व रंजीत सिंह
इनाम राशि-पांच-पांच हजार
फरार- मई 2018
आरोप- किशोरी को अगवा कर बेचने का

-----------------
गोरखपुर
इनामी- आजमगढ़ यूपी निवासी कमर उर्फ एजाज अहमद
इनामी राशि-10 हजार
फरार-मई 2018
आरोप- धोखाधड़ी

--------------
हनुमानताल
इनामी- यूपी निवासी मानपाल, वीरेश, ममता यादव
इनामी राशि-पांच-पांच हजार
फरार-मई 2018
आरोप-प्रलोभन देकर
अपहरण, दुष्कर्म

 

santosh singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned