गुमटी मामले में केंट बोर्ड के सीईओ की होगी जांच

हाईकोर्ट का निर्देश, जनहित याचिकाओं का किया निराकरण

 

By: prashant gadgil

Updated: 05 Sep 2019, 11:33 PM IST

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने केन्ट बोर्ड क्षेत्र में हुए गुमटियों के अवैध निर्माण व आवंटन में तत्कालीन केंट बोर्ड सीईओ के खिलाफ विभागीय जांच कर चार सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने को कहा। एक्टिंग चीफ जस्टिस आरएस झा व जस्टिस विशाल धगट की डिवीजन बेंच ने सीबीआई जांच की गेंद डिफेंस स्टेट के प्रिंसिपल डायरेक्टर (पीडी) के पाले में डाल दी। कोर्ट ने याचिकाएं निराकृत कर कहा कि पीडी को गड़बड़ी प्रतीत होने पर तो वह सीबीआई जांच के आदेश दे सकते हैं। सदर निवासी आबिद हुसैन, कटंगा निवासी नरेश भाटिया, राजेश शर्मा न जनहित याचिका में कहा कि कटंगा रोड पर नगर निगम की जमीन पर केंट बोर्ड ने 45 गुमटियां बना दीं। इनके आवंटन में भी अनियमितता बरती गई। हाईकोर्ट की ओर से गठित जांच कमेटी ने पाया कि केंट बोर्ड ने नगर निगम की जमीन पर गुमटियों का निर्माण किया। गुमटी आवंटन भी गलत तरीके से हुआ। याचिका लम्बित रहने के दौरान ही केन्ट बोर्ड ने ये गुमटियां अलग कर ली। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अशोक अग्रवाल, अमित खत्री व केंट बोर्ड की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा नायर ने पक्ष रखा।
पार्षदों व कमेटी की गलती की भी हो जांच
केंट निवासी मौसम पासी की ओर से हस्तक्षेप याचिका दायर कर कहा गया कि गुमटी निर्माण में केंट बोर्ड को 42 लाख रुपए का नुकसान हुआ। इसकी क्षतिपूर्ति जिम्मेदार अधिकारियों से की जाए। अधिवक्ता जकी अहमद के तर्क सुनने के बाद युगल पीठ ने सक्षम प्राधिकारी को इस सम्बंध में भी विचार करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि मामले में निर्वाचित पार्षदों व 14 सदस्यीय कमेटी की गलती है, तो उसकी भी जांच कराई जा सकती है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती है, तक तक हर चार सप्ताह में रिपोर्ट पेश की जाए।

prashant gadgil Desk
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