खटुआ मर्डर मिस्ट्री में पुलिस को मिले अहम सुराग, जल्द ही हो सकता है खुलासा

धनुष तोप बेयरिंग घोटाले से जुड़ी बताई जा रही हत्या

By: abhishek dixit

Published: 03 Dec 2019, 06:00 PM IST

जबलपुर. जीसीएफ में जूनियर वक्र्स मैनेजर एससी खटुआ मर्डर मिस्ट्री मामले में हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद ही सही पुलिस की नए सिरे से शुरू हुई विवेचना आखिर अंजाम तक पहुंचने वाली है। पुलिस को इस हत्याकांड में बेहद अहम सुराग मिले हैं। कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। प्रारम्भिक जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे धनुष तोप बेयरिंग घोटाला है। इस हाइप्रोफाइल प्रकरण में कई बार अपनी भद्द पिटवा चुकी पुलिस इस बार अपने कदम फूंक-फूंक कर उठा रही है। हत्याकांड से जुड़ी किसी भी प्रगति के बावत वरिष्ठ अधिकारियों ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

पुलिस सूत्रों की मानें तो हत्याकांड से जुड़ा ऐसा चेहरा सामने आया है, जो लगातार पुलिस की विवेचना में भी शामिल होता रहा। यहां तक कि वह लाश मिलने से लेकर उसके अंतिम संस्कार तक में शामिल रहा। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल भी घटनास्थल पर वारदात वाले दिन मिले हैं। अब पुलिस इस सामने आए चेहरे से पर्दा उठाने से पहले सारे साक्ष्य एकत्र करने में जुटी है। इस हत्याकांड में एसआईटी के एएसपी डॉ. संजीव उईके, सीएसपी रांझी, टीआई खमरिया व क्राइम ब्रांच एएसपी शिवेश सिंह बघेल की टीम सारे तथ्य जुटाने में लगी है। मामले में सांप-बिच्छू के जानकार व्यक्ति के भी बयान दर्ज किए गए हैं।

यह है मामला
सीबीआई दिल्ली की टीम ने धनुष तोप बेयरिंग की जांच के चलते जबलपुर गन कैरिज फैक्ट्री में 10 जनवरी 2019 को छापा मारा है। तोप में जर्मनी के कलपुर्जे बता कर चीन के पाट्र्स लगाए के मामले में एएसी खटुआ के घर से उनका लैपटॉप, मोबाइल और कार्यालय से कम्प्यूटर की हार्डडिस्क जब्त कर ले गई थी। इसी प्रकरण में बयान के लिए 19 जनवरी को दिल्ली बुलाया था। 17 जनवरी को खटुआ घर से निकले तो फिर उनकी पांच फरवरी को रक्तरंजित लाश मिली। प्रकरण में घमापुर पुलिस हत्या, हत्या कर शव छिपाने का प्रकरण दर्ज कर तब से जांच में जुटी है।

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