अब इस शहर में भी हो सकेगी खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच

प्रयोगशाला के लिए तय हो गई जगह, नहीं लगाने पड़ेंगे भोपाल, मुम्बई, मैसूर के चक्कर

 

By: reetesh pyasi

Published: 05 Sep 2019, 06:43 PM IST

जबलपुर। मिलावटी खाद्य और पेय पदार्थों में मिलावट की जांच के लिए अब अधिकारियों को महीनों इंतजार नहीं करना पडेग़ा। शहर में जल्द ही खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। इसके लिए प्रशासन ने डुमना के पास एक एकड़ जमीन खाद्य एवं औषधि विभाग को सौंपी है। विभाग को शासन से मिलने वाले बजट (चार करोड़ रुपए) का इंतजार है। अभी खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के लिए सैम्पल भोपाल, मैसूर और मुम्बई भेजना पड़ता है।

लगातार हो रही सैंपलिंग की कार्रवाई
प्रदेश शासन मिलावट के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में है। लगभग हर जिले में दो से तीन जगहों पर कार्रवाई हो रही है। जबलपुर में खाद्य विभाग और प्रशासन की टीम प्रतिष्ठानों और दुकानों से सैम्पल एकत्र कर जांच के लिए भोपाल भेजे जा रहे हैं। वहां से जांच रिपोर्ट आने में एक सप्ताह से लेकर एक महीना तक लग जाता है। विशेष जांच के लिए सैम्पल मुम्बई और मैसूर स्थित आधुनिक प्रयोगशाला भेजे जाते हैं। जांच रिपोर्ट विलम्ब से मिलने से दोषियों पर कार्रवाई भी लंबे समय बाद हो पाती है। इसलिए शासन ने हर सम्भाग में एक प्रयोगशाला खोलने की योजना बनाई है।

आधुनिक मशीनों की स्थापना
बताया गया कि डुमना में स्थापित होने वाली प्रयोगशाला में आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। प्रयोगशाला में खाद्य विश्लेशक, सहायक खाद्य विश्लेषक, सीनियर कैमिस्ट, लैब अटेंडेंट सहित अन्य स्टाफ भी होगा।

ये है स्थिति
249 औषधि प्रतिष्ठानों के पास हैं ड्रग लाइसेंस जिले में
690 औषधि प्रतिष्ठानों की अब तक हुई जांच
104 औषधि प्रतिष्ठानों के ड्रग लाइसेंस किए निरस्त
140 से ज्यादा खाद्य और पेय पदार्थों के सैम्पल लिए गए अब तक

खाद्य और पेय पदार्थों में मिलावट और जब्त नमूनों की जांच के लिए शहर में प्रयोगशाला का निर्माण प्रस्तावित है। इसके एिल खाद्य एवं औषधि विभाग को डुमना में एक एकड़ जमीन दी गई है। बजट आवंटित होने पर निर्माण कराया जाएगा।
भरत यादव, कलेक्टर

reetesh pyasi Desk
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