यहां बंद कमरों में लिखी जाती है लखपति बनने की कहानी

यहां बंद कमरों में लिखी जाती है लखपति बनने की कहानी
ऑनलान मटका सट्टा खिला रहे थे

Santosh Kumar Singh | Publish: May, 18 2019 03:29:24 PM (IST) | Updated: May, 18 2019 03:29:25 PM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

किराए का कमरा लेकर हाइटेक तरीके से खिला रहे थे ऑनलाइन मटका सट्टा, एटीएम से करते थे भुगतान, लैपटॉप में लिखते थे हिसाब-किताब

जबलपुर। ग्वारीघाट स्थित सुखसार ब्लू टावर में किराए का कमरा लेकर तीन सटोरिए हाइटेक तरीके से ऑनलान मटका सट्टा खिला रहे थे। सटोरिए अलग-अलग फोन से बात करते हुए लोगों से ऑनलाइन सट्टे का हिसाब तीन लैपटाप में लिख रहे थे। इसमें सटोरिए एटीएम कार्ड का प्रयोग कर पैसे का भुगतान कर रहे थे। सटोरिए ने इसके लिए बैंक में फर्जी खाता भी खुलवाया था। इस हाइटेक ऑनलाइन सट्टे सूचना पर पुलिस ने शनिवार को दबिश देकर तीनों को दबोचा। उनके पास से 5630 रुपए नकदी, एक एलइडी टीवी, तीन लैपटॉप, सात मोबाइल, हेडफोन, एटीएम कार्ड, ऑनलाइन सट्टे के कस्टमर की प्रिंटेड लिस्ट जब्त किए। पुलिस ने तीनों को पूछताछ के लिए दो दिन की रिमांड पर लिया है।
मुखबिर से मिली थी हाइटेक सट्टे की सूचना
टीआइ ग्वारीघाट प्रीति तिवारी ने बताया कि मुखबिर से इस हाइटेक सट्टे की सूचना मिली थी। सुखसार ब्लू टावर स्थित गुलशन अग्रवाल के घर में किराए से रहने वाले गोकलपुर रांझी निवासी देवेन्द्र गोयल, रेलवे स्टेशन शनिश्चरा बाजार छिंदवाड़ा निवासी कार्तिकेय मादे और परासिया रोड छिंदवाड़ा निवासी अविनाश उर्फ प्रदुम्न चौहान को गिरफ्तार किया। तीनों मौके पर ऑनलाइन बालाजी मटका सट्टा खिलाते हुए मिले।
पुलिस के सामने ही चल रही थी मोबाइल पर बुकिंग
पुलिस कार्रवाई करेन पहुंची तो तीनों अलग-अलग फोन पर लोगों से बात कर ऑनलाइन सट्टा लैपटॉप में लिख रहे थे। तीनों के पास से देवेंद्र गोयल नाम का तीन अलग-अलग बैंकों के चार एटीएम कार्ड, करण सिंह के नाम का एक एटीएम कार्ड सहित ऑनलाइन सट्टे के कस्टमर की प्रिंटेड लिस्ट जब्त की। पूछताछ में देवेंद्र गोयल ने बताया कि वह डब्ल्यूडब्लयूडब्लयू डॉट बालाजीमटका डॉट कॉम संचालित करता है। सट्टे की रकम का लेनदेन करने के लिए उसने निजी बैंक में करण सिंह के नाम पर फर्जी दस्तावेज लगाकर छिंदवाड़ा में खाता खोला है।
10 हजार रुपए सैलरी देता था
बालाजी मटका डॉट कॉम का संचालन देवेंद्र गोयल करता है। जबकि उसके साथ गिरफ्त में आए कार्तिकेय और अविनाश उर्फ प्रदुम्न को दस हजार की सैलरी देता था। पुलिस को लैपटॉप में कई रसूखदारों के नाम मिले हैं, जो इस तरीके से सट्टे में पैसे लगाते थे। ग्वारीघाट पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल जैसे संचार साधनों का प्रयोग कर ऑनलाइन मटका सट्टा खिलाने, फर्जी दस्तावेज लगाकर बैंक खाता खुलावाने के प्रकरण में 4 क जुआ एक्ट, 420, 467, 468, 471, 34 भादवि व 66 घ आईटी एक्ट का प्रकरण दर्ज किया है।

 

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