सोलर एनर्जी से रोशन होंगे 20 गांव, प्रमुख ऊर्जा सचिव ने की ये घोषणा, देखें वीडियो

गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रमुख ऊर्जा सचिव आईसीपी केसरी ने किया वादा, कहा - 31 मार्च तक गांवों में पहुंच जाएगी बिजली

By: Premshankar Tiwari

Updated: 26 Jan 2018, 04:44 PM IST

जबलपुर। मप्र ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव आईसीपी केसरी ने कहा कि आजादी के ७० साल बाद भी प्रदेश में ३५ से ४० लाख उपभोक्ता के यहां बिजली नहीं पहुंच पायी है। सौभाग्य योजना के अंतर्गत ३३०० करोड़ की लागत से दिसम्बर तक शतप्रतिशत घरों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में ४७३ गांव बिजली विहीन थे। उमरिया का छिवकी गांव अभ्यारण्य में है। वन विभाग ने बाघों की रक्षा के लिए अंडरग्राउंड बिजली पहुंचाने की शर्त पर एनओसी देने की बात रखी है। वहीं २० गांव सोलर से होने हैं। जिसके टेंडर मप्र ऊर्जा विकास निगम ने कर दिए हैं। केसरी यहां जबलपुर प्रवास पर आए हैं। वे गणतंत्र दिवस पर शक्ति भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

बेहतर कार्य को मिलेगा पुरस्कार
दीनदयाल ग्राम विद्युतीकरण योजना में २५ हजार मजरे-टोले ही शामिल हो सके थे। जबकि प्रस्ताव ६५ हजार के भेजे गए थे। सौभाग्य में सभी टोले-मजरों को शामिल किया गया है। प्रदेश में २४ जनवरी की स्थिति में मंदसौर, इंदौर नीमच के शतप्रतिशत घरों में बिजली पहुंचायी जा चुकी है। इसके लिए वहां के सर्किल अधिकारियों को भोपाल में सीएम द्वारा पुरस्कत किया गया है। इसी तरह १५ अगस्त तक विद्युतीकरण का काम पूरा करने वाले सर्किल अधिकारियों को भी सीएम पुरस्कृत करेंगे। दो अक्टूबर तक शतप्रतिशत घरों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है।

अब नहीं उत्पादन होगा प्रभावित
प्रमुख सचिव केसरी ने कहा कि कोयले की कमी के कारण पावर जनरेशन प्रभावित हुआ था, लेकिन अब रोज ५० से ५२ हजार टन कोयला मिल रहा है। सुपर क्रिटकल आधारित खंडवा की श्री सिंगाजी थर्मल पावर में अप्रैल तक ६६० मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएग। वहीं सितम्बर तक दूसरी यूनिट के चालू होने से जनरेशन कम्पनी की उत्पादन क्षमता १३२० मेगावाट बढ़ जाएगी।

ग्रीन कॉरीडोर से फ्रिक्वेंशी होगी नियंत्रित
ट्रांसमिशन कम्पनी चार हजार करोड़ की लागत से ग्रीन इनर्जी कॉरीडोर बनाने जा रही है। इससे फ्रिक्वेंशी नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और जरूरत के अनुसार ही ग्रिड में बिजली सप्लाई होगा। ग्रीन इनर्जी को व्यवहारिक बनाने की ये योजना है। इसमें ४० प्रतिशत राशि ग्रीन इनर्जी फंड से मिलेगा। ४० प्रतिशत राशि जर्मन डेवलेपमेंट बैंक से साफ्ट लोन पर मिलेगा और २० प्रतिशत राज्य सरकार या कम्पनी लोन लेकर काम करेगी। इसके टेंडर की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। वर्ष २०१७ में २२० केवीए के दो और १३२ केवीए के १८ सब स्टेशन ट्रांस्को ने नए बनाए हैं। वहीं ट्रांसफार्मर अपग्रेडेशन के भी काम हुए हैं। जिससे पावर सप्लाई गुणवत्तापूर्ण हो सके।

नहीं कम कर पाए लाइन लॉस
प्रमुख ऊर्जा सचिव ने कहा कि प्रदेश में लाइन लॉसेज कम करने का जो लक्ष्य निर्धारित था, उस तक हम नहीं पहुंच पाए हैं। इसमें बिजली चोरी एक बड़ा फैक्टर है। इस पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश में प्री-पेड मीटर लगाने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। पायलेट प्रोजेक्ट के अंतर्गत अलग-अलग कम्पनी क्षेत्र में मिश्रित आबादी वाले फीडर का चयन कर प्री-पेड मीटर लगाए जा रहे हैं। इस मौके पर पावर मैनेजमेंट कम्पनी के संजय कुमार शुक्ल, ट्रांस्को के पीएआर बेंडे, जनरेशन के एपी भैरवे, पूर्व विद्युत वितरण कम्पनी के एमडी मुकेश चंद गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

ये रहे प्रमुख सचिव का कार्यक्रम
- बिजली कम्पनियों द्वारा पांडुताल में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि रहे
- २७ जनवरी को रीवा सम्भाग की समीक्षा करेंगे
- २८ जनवरी को जबलपुर सम्भाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करेंगे
- २९ जनवरी को पीयूसी द्वारा ऑडिट सुनवाई में मौजूद रहेंगे

Premshankar Tiwari Desk
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