अपराधिक रिकॉर्ड होने पर नहीं दी जा सकती अग्रिम जमानत: हाईकोर्ट

अपराधिक रिकॉर्ड होने पर नहीं दी जा सकती अग्रिम जमानत: हाईकोर्ट
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Reetesh Pyasi | Updated: 11 Oct 2019, 11:00:07 PM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

व्यवसायी व उसकी पुत्री की हत्या के आरोपी की अर्जी खारिज

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने कहा, 'अपराधिक रिकॉर्ड होने पर हत्या जैसे गंभीर मामले में अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती।' जस्टिस जेपी गुप्ता की सिंगल बेंच ने कहा, ' कर्ज न चुकाने के बावजूद आवेदक का यह साबित करने की कोशिश करना कि उस पर कोई बकाया नहीं है, दर्शाता है कि उस पर लगाए गए आरोप तथ्यपरक हैं।' इस मत के साथ कोर्ट ने सागर में हुए सीमेंट व्यवसायी व उसकी पुत्री की दोहरी हत्या के आरोपी की अर्जी निरस्त कर दी।

यह है मामला
अभियोजन के अनुसार 16 जुलाई 2019 को सागर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र निवासी साीमेंट व्यवसायी ब्रजेश चौरसिया व उसकी पुत्री महिमा की गोली मार कर हत्या कर दी गई। जबकि ब्रजेश की पत्नी राधा चौरसिया भी घायल हो गई। पुलिस की जांच में काफी चौंकाने वाले खुलासे हुए। गिरफ्तार किए गए आरोपी रंजन राय के अनुसार बृजेश ने बेटी और पत्नी की हत्या कराने रंजन को सुपारी दी थी। उसने खुद को गोली मार ली थी। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी हुई कि सागर के मधुकरशाह वार्ड निवासी मनोज यादव ने मृतक से 75 लाख में मकान का सौदा करने के बाद बाकी 45 लाख रुपए उसे नहीं दिए। मांगने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। इस वजह से ब्रजेश ने यह कदम उठाया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भादंवि की धारा 302,306,120 बी व आम्र्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया। आरोपी मनोज यादव ने इसी मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत की अर्जी पेश की। आवेदक का पक्ष अधिवक्ता प्रमोद सिंह तोमर व सरकार का पक्ष शासकीय अधिवक्ता अर्पित तिवारी ने रखा।
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