नदी किनारों पर जम रही लौह अयस्क की परत, नहाने पर शरीर में हो रही है खुजली

औद्योगिक इकाइयों की मनमानी, हिरन में छोड़ा जा रहा उद्योगों का गंदा पानी

 

By: sudarshan ahirwa

Published: 07 Jan 2019, 07:00 AM IST

जबलपुर. सिहोरा से 8 किलोमीटर दूर विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) हरगढ़ में स्थापित औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला गंदा पानी हिरन नदी में छोड़ रहा है। गंदा पानी मिलने से हिरन नदी का पानी मटमैला हो रहा है। नदी के किनारे पर आयरन ओर की परत जम गई है। इस पानी में नहाने से ग्रामीणों के शरीर में खुजली हो रही है, वहीं पानी को पीकर जानवर बीमार हो रहे हैं।

औद्योगिक क्षेत्र हरगढ़ में आयरन ओर बेनीफिकेशन प्लांट लगे हैं। इन प्लांटों में मिनरल्स को वॉश करने के बाद बेस्ट मटेरियल के साथ गंदा पानी निकलता है। प्लांट के पिछवाड़े इस बेस्ट मटेरियल को गिराया जाता है। इसके बाद नाले के सहारे आधा किलोमीटर दूर हिरन नदी में छोड़ दिया जाता है। प्लांटों से निकलने वाले गंदे पानी (कीचड़) को रात के अंधेरे में छोड़ा जाता है। आधा किलोमीटर लंबा नाला खेतों से बीच से होता हुआ हिरन नदी में मिल जाता है। यहां जगह-जगह बेस्ट मटेरियल जमा है। सुबह के समय हिरन नदी का पानी लाल हो जाता है। इस पानी में नहाने से शरीर में खुजली होने लगती है। पानी को पीने से जानवर बीमार हो रहे हैं। नदी के किनारे आयरन ओर की परत जम गई है। प्लांटों में 24 घंटे में तीन शिफ्टें चलती हैं। 8 घंटे में 20 टन प्रतिघंटा बेस्ट मटेरियल निकलता है। इस हिसाब से 24 घंटे में 60 टन बेस्ट मटेरियल के साथ गंदा पानी (कीचड़) निकलता है। हरगढ़ में दो इकाइयां इसे हिरन नदी में नाले से हिरन में बहा रही हैं।

ये है नियम
औद्योगिक क्षेत्र में लगे प्लांटों से निकलने वाले बेस्ट मटेरियल और पानी के निस्तार के लिए 50 फीट लंबा और चौड़ा आकार का गड्ढा खोदा जाना चाहिए, ताकि कीचड़ और पानी को वहीं सुखाया जा सके। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार इसे नदी में मिलाया जाना नियम विरुद्ध है। ऐसे स्थिति में प्लांट संचालकों पर कार्रवाई का प्रावधान है। हिरन नदी से सिहोरा शहर पेयजल की आपूर्ति होती है। हरगढ़ के प्लांटों से गंदा हुआ पानी घरों में पीने के पानी के रूप में पहुंचता है।

औद्योगिक क्षेत्र में लगे प्लांटों से निकलने वाले बेस्ट मटेरियल और पानी को नदी में मिलाया जाना नियम विरुद्ध है। यदि ऐसा हो रहा है तो उसकी जांच कराई जाएगी, साथ ही प्लांट संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी।
आशीष पांडे, एसडीएम, सिहोरा

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