लाईव होता है लैक्चर, टीचर और स्टूडेंट होते हैं आमने-सामने

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में चल रही लाईव क्लासेस, 15 टीचरों का टाईम और विषय निर्धारित, हर टीचर एक घंटे रहता है लाईव, लॉगइन और पासवर्ड से छात्र और शिक्षक करते हैं सीधे लाईव इंटरेक्शन

By: Mayank Kumar Sahu

Updated: 13 Apr 2020, 07:37 PM IST

जबलपुर।
लॉकडाउन के दौरान हर शिक्षण संंस्थान अपने अपने तरीके से पढ़ाई करा रहा है लेकिन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) कुछ अनोखे तरीके से पढ़ाई करा रहा है। डीएलएड प्रथम वर्ष एवं डीएलएड द्वितीय वर्ष की लाईव क्लासेस का आयोजन कर रहा है। जिसमें एक तरफ छात्र तो दूसरी और विषय शिक्षक डॉयरेक्ट इंटरेक्शन करते हैं। इसका परीक्षण फिलहालप्रायोगिक तौर पर किया जा रहा है।

1 घंटे हर टीचर लाईव
संस्थान द्वारा डीएलएड प्रथम और सेकेंड इयर के प्रत्येक छात्र की आईडी और पासवर्ड तैयार कर दिए गए हैं। संस्थान के 15 टीचरों को उनके विषयों और कालखंड के अनुसार बांटा गया है। बकायदा टाईम टेबिल तैयार किया गया है। हर एक टीचर अपने विषय के अनुरुप छात्रों के साथ 1 घंटे अलग-अलग समय पर लाईव आता है। दूसरी और से छात्र भी मोबाइल, लेपटॉप के माध्यम से सामने उपस्थित होकर विषय की तैयारी, सवालों का जवाब देता है।

टाईम शेड्यूल है निर्धारित
संस्थान की कल्पना द्विवेदी, डॉ.गजेश खरे बताते हैं कि सॉफ्टेवयर के माध्यम से प्रत्येक छात्र की आईडी और पासवर्ड जनरेट किए गए हैं। शिक्षकों का टाईम शेडयूल बनाया गया है कि किस विषय का टीचर किस समय उपस्थित होगा। छात्र और शिक्षक निर्धारित समय पर लॉगिन कर आमने सामने आतेे हैं। इसकी जानकारी छात्रों को पहले से दे दी गई है। प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों के अलग से ग्रुप बनाए गए हैं जिससे वे निर्धारित समय पर उपस्थित होते हैं।

40 मिनिट का एक लैक्चर
बताया जाता है प्रत्येक लैक्चर को 40 मिनिट लैक्चर के लिए दिए गए हैं। कुछ समय छात्रों के जवाब के लिए। दोनों कक्षाओं को मिलाकर इनवायरमेंटर साइंस, मैथ्स, साइंस, इंग्लिश आदि 17 विषयों की पढ़ाईके पेपर होते हैं। प्राचार्य जहां मॉनीटरिंग करती है तो वहीं डॉ. किरण खरे, रजनी बहरे, तरुणा शर्मा, उषा शुक्ला, भावना दुबे, श्वाती बडख़ेडकऱ, डॉ.गजेश खरे, मदन मनिहार आदि शिक्षक अपने-अपने लैक्चर तैयार करते हैं।

-संस्थान द्वारा नियमित रुप से ऑनलाइन कक्षाओं का ग्रुप के माध्यम से संचालन किया जा रहा है। हम इसकी नियमित मॉनीटरिंग भी करा रहे हैं।
-डॉ.शशिबाला झॉ, प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान

Mayank Kumar Sahu Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned