Lockdown changed:लॉकडाउन के चरणों में वद्धि के साथ बदला अपराध का तरीका, सायबर ठगी के मामले अधिक

पहले चरण में लॉकडाउन, दूसरे में शराब की तस्करी, चौथे चरण में गम्भीर अपराधों में आई तेजी

By: santosh singh

Updated: 26 May 2020, 12:23 PM IST

जबलपुर. लॉकडाउन के चरणों में वृद्धि के साथ पुलिस की कार्रवाई का तरीका बदला तो अपराधियों ने भी ठगी के नए तरीके ईजाद कर लिए। जिलेभर में शराब की तस्करी के कई मामले दर्ज किए गए। तीसरे चरण में ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की दुकानें खुली तो यह शराब तस्करों ने शहर का रुख कर लिया। पहले अैर चौथे चरण में सडक़ हादसों में वृद्धि हुई। लॉकडाउन में सबसे अधिक सायबर क्राइम के मामले सामने आए।
ये है स्थिति-
अपराध : 21 मार्च से 14 अप्रैल : 15 अप्रैल से 02 मई : 03 मई से 17 मई : 18 मई से 23 मई
हत्या : 03 : 02 : 03 : 01
हत्या के प्रयास : 03 : 03 : 06 : 03
चोरी : 19 : 11 : 09 : 05
बलात्कार : 08 : 04 : 06 : 02
छेड़छाड़ : 13 : 04 : 06 : 03
एक्सीडेंट : 11 : 07 : 08 : 19
आत्महत्या : 23 : 22 : 28 : 07
ठगी : 01 : 01 : 09 : 08
फर्जीवाड़ा : 00 : 04 : 01 : 00
लूट : 01 : 00 : 00 : 01

 Crime
IMAGE CREDIT: patrika

लॉकडाउन के पहले चरण
लॉकडाउन के पहले चरण (21 मार्च से 14 अप्रैल) में पुलिस को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सख्ती करनी पड़ी। इस दौरान कोरोना की बीमारी छिपाने, क्वारंटीन के उल्लंघन, बिना अनुमति दुकान खोलने, व्यापार करने वालों पर सबसे अधिक कार्रवाई हुई। शराब की तस्करी और मारपीट के मामले भी सामने आए। पुलिस को अस्थाई जेल भी बनाना पड़ा। निर्धारित दाम से अधिक में सामग्री बेचने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई। 10 मार्च के बाद जिले में आकर छिपे लोगों पर भी एफआईआर हुई। लॉकडाउन उल्लंघन की 800 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं।
दूसरा चरण
लॉकडाउन के दूसरे चरण (15 अप्रैल से दो मई) में भी पुलिस ने सख्ती दिखाई। पुलिसकर्मियों ने लोगों को भोजन सामग्री पहुंचाने के साथ दूसरे जिलों व राज्यों से आने वाले मजदूरों की भी मदद की। आत्महत्या को छोड़ दें तो सभी प्रमुख अपराधों में कुछ कमी आई। शराब की तस्करी चरम पर रही।
तीसरा चरण
लॉकडाउन के तीसरे चरण (03 मई से 17 मई ) में कई तरह की ढील का असर दिखा। पुलिस ने सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान शुरू किया। वाहनों की जब्ती कर जुर्माना वसूला। ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की दुकानें खुलने से शहर से लोग बड़ी संख्या में लोग सडक़ों पर निकले। आवाजाही बढऩे से सडक़ हादसे भी बढ़ेे।
चौथा चरण-
लॉकडाउन के चौथे चरण में कई तरह की रियायतें मिलने से सोशल डिस्टेंसिंग टूट रही है। छह दिनों में 19 सडक़ हादसे हुए। चोरी, लूट, बलात्कार, हत्या, हत्या के प्रयास, फर्जीवाड़ा के मामले भी बढ़ गए।

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santosh singh Reporting
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