12 लाख मुकदमे हर साल निपटा देती है ये अदालत, हर किसी को मिलता है न्याय

FECTS- नेशनल लोक अदालत बनी जरिया, तीन साल में 36 लाख विवाद कोर्ट पहुंचने से पहले निराकृत, आज फिर प्रदेशभर में आयोजन, समझौते से निपटेंगे लाखों मामले

By: Lalit kostha

Published: 10 Feb 2018, 09:50 AM IST

जबलपुर. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा साल में एक बार आयोजित की जाने वाली नेशनल लोक अदालत एेसे विवादों के लिए रामबाण साबित हुई है, जिनके अदालती मुकदमें में तब्दील होने की पूरी आशंका थी। बीते तीन सालों में नेशनल लोक अदालत के जरिए प्रदेश में ३६ लाख से अधिक एेसे विवादों यानी प्रीलिटिगेशन के मामलों का समझौते से निराकरण किया जा चुका है। शनिवार को फिर इस वर्ष नेशनल लोक अदालत आयोजित की जा रही है। इसमें भी लाखों की संख्या में प्रीलिटिगेशन व अदालत में लंबित मामलों का निपटारा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

इन मामलों पर होंगे समझौते
आपराधिक शमनीय प्रकरण, परक्रम्य अधिनियम की धारा 138 के अन्तर्गत चेक बाउंस प्रकरण, बैंक रिकवरी सम्बन्धी मामले, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण, श्रम विवाद , विद्युत एवं जल कर, बिल सम्बन्धी प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण तथा सेवानिवृत्ति सम्बन्धी लाभों से जुड़े सेवा मामले, राजस्व प्रकरण और दीवानी मामलों का भी निपटारा किया जाएगा। इनके अलावा प्रिलिटिगेशन (मुकदमा पूर्व) के प्रकरणों का भी निराकरण किया जाएगा।

कानूनी मदद चाहिए, डायल करो 15100
मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नागरिकों में कानूनी जागरूकता जगाने व गरीब पक्षकारों को नि:शुल्क कानूनी मदद मुहैया कराने में अग्रणी सरकारी संस्थान है। ५७४, साउथ सिविल लाइन्स, पचपेढ़ी जबलपुर में इसका मुख्यालय है। प्राधिकरण के पास जो आवेदन आते हैं, उनके अनुरुप कार्यवाही कर संबंधित की कानूनी मदद तो की ही जाती है। गरीबों को नि:शुल्क कानूनी मदद उपलबध कराने के लिए प्राधिकरण ने टोल फ्री हेल्प लाइन भी जारी की है। कार्यदिवस में १०.३० बजे से ५.३० बजे तक टोल फ्री नंबर १५१०० पर डायल कर हेल्प लाइन की मदद ली जा सकती है।

विद्युत विभाग, नगर निगम तथा बैंक आदि विभागों द्वारा लोक अदालत के लिए जो छूट प्रस्तावित की गई है, वह दस फरवरी के बाद समाप्त हो जाएगी। इसलिए नेशनल लोक अदालत में उक्त छूट का अधिकाधिक लाभ प्राप्त करें।
- ब्रजेन्द्र सिंह भदौरिया, सदस्य सचिव, मप्र राज्य विधि सेवा प्राधिकरण

Lalit kostha Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned