लोकसभा चुनाव 2019 से पहले यातायात व्यवस्था को लेकर उठी ये बड़ी मांग

लोकसभा चुनाव 2019 से पहले यातायात व्यवस्था को लेकर उठी ये बड़ी मांग

Abhishek Dixit | Publish: Apr, 20 2019 05:05:12 PM (IST) | Updated: Apr, 20 2019 05:05:13 PM (IST) Jabalpur, Jabalpur, Madhya Pradesh, India

बदइंतजामी से सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था ध्वस्त, जाम से हलाकान

जबलपुर. शहर की लगातार बढ़ रही जनसंख्या की तुलना में सार्वजनिक परिवहन के साधन घटते जा रहे हैं। लोगों का झुकाव निजी वाहनों की ओर बढऩे से शहरों में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। आलम ये है कि शहर की जो सड़कें 20 वर्ष पहले काफी चौड़ी दिखती थी, अब वहां वाहन रेंगते हुए निकलते हैं। रोड किनारे फुटपाथ पर बढ़ते अतिक्रमण जटिल समस्या बनते जा रहे हैं। सड़क पर चलने वाला हर शख्स शहर के खराब ट्रांसपोर्ट सिस्टम से परेशान है। बढ़ते वाहन शहर में प्रदूषण फैलाने के साथ ही लोगों को मानसिक तनाव भी दे रहे हैं।

शहर में नगर बसों के संचालन की जिम्मेदारी निभा रहा सिटी ट्रांसपोर्ट प्रशासन खराब बसों की मरम्मत तक नहीं करा पा रहा है। आलम ये है कि 119 बसों का बेड़ा घटकर 75 से 80 का रह गया है। शहर का 70 प्रतिशत क्षेत्र में आवागमन का कोई साधन तक नहीं है। इन इलाकों में ई-रिक्शा, ऑटो भी मुश्किल से मिल पाते हैं। मुख्य शहर तक आने में लोगों को दो-दो बार ऑटो बदलना पड़ता है। फिर सिटी बसों के इंतजार में घंटों परेशान होते हैं। वहीं, बसों की संख्या कम होने के कारण उसमें भूसे की तरह सवारियां भरी जाती हैं।

200 छोटी सिटी बसों की जरूरत
पत्रिका की चर्चा में शहर के मतदाताओं कमल कुशवाहा, वसीम अहमद, नूर मोहम्मद, सज्जाद हुसैन, पवन कुशवाहा और राकेश कुमार ने कहा कि शहर में सिर्फ मुख्य मार्गों पर ही आवागमन की सुविधा है। कॉलोनियों में बहुत मुश्किल होती है। शहर की सड़कों के ट्रैफिक दबाव को देखते हुए 200 छोटी सिटी बसें चलानी चाहिए। इसका रूट इस तरह से निर्धारित किया जाए कि शहर के हर प्रमुख कॉलोनियों तक आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके। संकरे और छोटी गलियों में ऑटो को इनकी कनेक्टिविटी के तौर पर प्रयोग करें। वहीं मुख्य रेलवे स्टेशन, मदनमहल और आइएसबीटी को सेंट्रल प्वाइंट बनाकर ऑटो का संचालन किया जाए।

ऑटो के लिए रूट व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन सभी विभागों से अपेक्षित सहयोग न मिल पाने की वजह से परेशानी बनी हुई है। शहर में क्षमता से अधिक ऑटो हो गए हैं।
अमृत मीणा, ट्रैफिक एएसपी

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned